नई दिल्ली : विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप के फाइनल में भारत की जैस्मिन लैम्बोरिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का परचम लहराया। फाइनल मुकाबले में उन्होंने पोलैंड की जूलिया को मात देकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। जैस्मिन ने पूरे टूर्नामेंट में दमदार खेल दिखाया और सेमीफाइनल में वेनेजुएला की कैरोलिना अल्काला को 5-0 से हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई थी। उनकी यह जीत भारतीय मुक्केबाजी के लिए ऐतिहासिक पल साबित हुई।
विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप: 12 साल में पहली बार भारत पुरुष वर्ग में पदक से खाली हाथ
पुरुष वर्ग में भारत के लिए इस बार निराशाजनक नतीजे सामने आए। 12 वर्षों में पहली बार भारतीय पुरुष मुक्केबाजों को विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप से खाली हाथ लौटना होगा। जदुमणि सिंह का सामना गत विश्व चैंपियन कजाखस्तान के सांजेर ताशकेनबे से हुआ, जिसमें उन्हें 0-4 से हार झेलनी पड़ी। इस हार के साथ ही यह तय हो गया कि भारत के दस सदस्यीय पुरुष दल को इस बार कोई पदक हासिल नहीं होगा। आखिरी बार 2013 में ऐसा हुआ था जब भारत पुरुष वर्ग में पदक से वंचित रह गया था। ताशकंद में आयोजित 2023 संस्करण में भारतीय दल ने तीन कांस्य पदक अपने नाम किए थे।

