नई दिल्ली: हॉकी इंडिया जूनियर पुरुष राष्ट्रीय चैंपियनशिप में इस बार 30 टीमें हिस्सा लेंगी। यह टूर्नामेंट मंगलवार से जालंधर में नए डिवीजन आधारित प्रारूप के तहत खेला जाएगा। नया प्रारूप इस साल की शुरुआत में सीनियर और सब जूनियर पुरुष, महिला तथा जूनियर महिला राष्ट्रीय चैंपियनशिप में भी लागू किया जा चुका है। भाग लेने वाली 30 टीमों को डिवीजन ‘ए’, डिवीजन ‘बी’ और डिवीजन ‘सी’ में विभाजित किया गया है। इसमें अपने से शीर्ष डिवीजन में जगह बनाने और निचले डिवीजन में खिसकने का प्रावधान है। डिवीजन ‘ए’ में देश की 12 सर्वश्रेष्ठ जूनियर पुरुष टीमें शामिल हैं। इनमें गत विजेता पंजाब, उपविजेता उत्तर प्रदेश और तीसरे स्थान पर रहने वाली हरियाणा भी शामिल हैं।
डिवीजन के पूल मैच 16 अगस्त से शुरू होंगे, जिसके बाद 20 से 23 अगस्त तक क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले खेले जाएंगे। डिवीजन ‘बी’ में केवल लीग मैच होंगे, जिनमें शीर्ष दो टीमें अगले साल डिवीजन ‘ए’ में प्रवेश करेंगी, जबकि अंतिम दो टीमें डिवीजन ‘सी’ में नीचे उतर जाएंगी। डिवीजन ‘बी’ के मैच 12 से 16 अगस्त तक संपन्न होंगे। डिवीजन ‘सी’ के मैच भी लीग प्रारूप में खेले जाएंगे, जिसमें टीमों को चार-चार टीमों के दो पूल में बांटा गया है। इसमें शीर्ष दो टीम अगले साल डिवीजन ‘बी’ का हिस्सा होंगी। हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने कहा, ‘‘जूनियर टूर्नामेंट भारतीय हॉकी के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। युवा खिलाड़ी इस प्रारूप में खेलकर बहुत कुछ सीखेंगे क्योंकि हमें सभी डिवीजनों की टीमों के बीच एक अलग स्तर की प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी।’’

