नई दिल्ली : टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल से ठीक पहले पूर्व भारतीय खिलाड़ी मोहम्मद कैफ ने टीम इंडिया को अहम सुझाव दिया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कैफ का मानना है कि न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाले निर्णायक मुकाबले के लिए भारत को अपनी प्लेइंग 11 से अभिषेक शर्मा को बाहर कर देना चाहिए। उनके अनुसार, अभिषेक का यह वर्ल्ड कप खराब रहा है और बल्लेबाजी में उन्होंने कोई खास योगदान नहीं दिया है। साथ ही, फील्डिंग में भी उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा है और अब तक उन्होंने कई महत्वपूर्ण कैच छोड़े हैं।
टी20 फाइनल से पहले अभिषेक शर्मा को ब्रेक देने की सलाह
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कैफ ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि इंडिया अभिषेक शर्मा को ब्रेक दे सकता है। उन्होंने अब तक बहुत सारे मैच खेले हैं और बदलाव करने में कोई बुराई नहीं है। आप फाइनल के लिए टीम में बदलाव कर सकते हैं। वेस्टइंडीज भी जब भारत के खिलाफ खेला था तब ब्रैंडन किंग के आउट ऑफ फॉर्म में होने की वजह से रोस्टन चेज ने ओपन किया था। इंडीज ने किंग को 5-6 मैचों में मौका दिया, लेकिन फिर भारत के खिलाफ उसे बड़े मुकाबले में ब्रेक दिया गया। मेरा मानना है कि जैसे आप संजू को लाए और उन्होंने काफी अच्छा किया वैसे ही ये बदलाव भी आपके फेवर में रहेगा।
रिंकू सिंह को प्लेइंग 11 में शामिल करने की सलाह
भारत के पास रिंकू सिंह जैसे बल्लेबाज हैं, जिन्होंने टेस्ट, रणजी ट्रॉफी और आईपीएल सभी फॉर्मैट में रन बनाए हैं। कुलदीप यादव और मोहम्मद सिराज भी हर जगह विकेट लेने की क्षमता रखते हैं। जब डगआउट में यह देखा जाता है कि अभिषेक शर्मा की जगह कौन ले सकता है, तो रिंकू सिंह मौजूद हैं, इसलिए उन्हें टीम में शामिल किया जाना चाहिए। एक बल्लेबाज संघर्ष कर रहा है, जबकि दूसरा खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कर भी बाहर बैठा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार वरुण चक्रवर्ती के बारे में कैफ ने कहा कि भारत उन्हें ड्रॉप नहीं करेगा और अगले मैच में वह अपनी लाइन बदल सकते हैं।
कैफ की सलाह: अभिषेक की तुलना संजू सैमसन से न करें
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन के बीच का अंतर बताते हुए कैफ ने कहा कि संजू ने टी20 प्रारूप में अब तक 8000 से ज्यादा रन बनाए हैं। चाहे रन बनाना हो या छक्के लगाने की काबिलियत, उनका नाम आईपीएल के टॉप 10 खिलाड़ियों में आता है। वे पहले से ही एक स्थापित और जाने-माने खिलाड़ी हैं। वहीं, अभिषेक शर्मा अभी युवा हैं और उन्हें अपने खेल पर काम करना होगा। वे अभी पूरी तरह तैयार नहीं हैं, इसलिए उनकी तुलना संजू से नहीं की जानी चाहिए। संजू पहले से ही अनुभवी हैं और उन्होंने 11 साल पहले भारत के लिए डेब्यू किया था। आईसीसी के इवेंट्स या वर्ल्ड कप में खेलने का अनुभव भी इसमें बड़ा फर्क डालता है।

