लखनऊ। रणजी ट्रॉफ़ी के सेमीफ़ाइनल में शानदार बल्लेबाज़ी के दम पर कर्नाटक ने उत्तराखंड को पहली पारी की बढ़त के आधार पर हराते हुए फ़ाइनल में प्रवेश कर लिया। इसके साथ ही कर्नाटक ने रणजी ट्रॉफ़ी के इतिहास में 15वीं बार फ़ाइनल खेलने का गौरव हासिल किया और 2015 के बाद पहली बार खिताबी मुकाबले में जगह बनाई। चार दिन तक चले इस हाई-स्कोरिंग सेमीफ़ाइनल में कर्नाटक ने पहली पारी में 736 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। देवदत्त पड़िक्कल ने दोहरा शतक लगाते हुए 232 रन बनाए, जबकि केएल राहुल ने 141 रन की अहम पारी खेली। स्मरण रविचंद्रन ने भी 135 रन जोड़कर कर्नाटक की मजबूत स्थिति बनाई। जवाब में उत्तराखंड की टीम पहली पारी में 233 रन पर सिमट गई, जिससे कर्नाटक को बड़ी बढ़त मिल गई।
दूसरी पारी में कर्नाटक ने 323 रन बनाए। स्मरण ने एक बार फिर शतक जमाया और 127 रन की पारी खेली, जबकि राहुल 86 रन बनाकर नाबाद रहे। इस तरह स्मरण ने मैच की दोनों पारियों में शतक लगाकर सेमीफ़ाइनल को यादगार बना दिया। उत्तराखंड को जीत के लिए 827 रन का असंभव लक्ष्य मिला। चौथे दिन उन्होंने संघर्ष जरूर किया, लेकिन कर्नाटक की बढ़त के सामने वह टिक नहीं सके। उत्तराखंड ने दूसरी पारी में 6 विकेट पर 260 रन बनाए। अवनीश सुधा ने 66 रन और अभय नेगी ने नाबाद 57 रन की पारी खेली। नेगी और सौरभ रावत के बीच 104 रन की साझेदारी ने उत्तराखंड को पूरी तरह ऑलआउट होने से बचा लिया।
कर्नाटक की ओर से श्रेयस गोपाल और प्रसिद्ध कृष्णा ने प्रभावशाली गेंदबाज़ी की, लेकिन समय की कमी के कारण मैच ड्रॉ पर समाप्त हुआ। पहली पारी की बढ़त के चलते कर्नाटक को विजेता घोषित किया गया। अब कर्नाटक की टीम हुबली में होने वाले फ़ाइनल में जम्मू-कश्मीर से भिड़ेगी, जहां उसकी नज़रें रिकॉर्ड नौवां रणजी ट्रॉफ़ी खिताब जीतने पर होंगी।

