मध्यप्रदेश बना स्पोर्ट्स पावर हाउस– राज्यपाल मंगुभाई पटेल
मध्यप्रदेश को खेलों में नंबर-1 बनाना हमारा लक्ष्य– मंत्री विश्वास कैलाश सारंग
एनएसटी न्यूज, भोपाल। खेलो एमपी यूथ गेम्स 2026 का भव्य समापन समारोह शनिवार शाम कुशाभाऊ ठाकरे सभागार, भोपाल में संपन्न हुआ। समारोह में राज्यपाल मंगुभाई पटेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल पटेल ने खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं आयोजन से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि बीते दिनों प्रदेश के विभिन्न खेल मैदानों पर बना खेल वातावरण यह दर्शाता है कि मध्यप्रदेश तेजी से खेलों का केंद्र बन रहा है। इस अवसर पर सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि खेलो एमपी यूथ गेम्स ने प्रदेश के युवाओं को प्रतिभा प्रदर्शन का ऐतिहासिक मंच दिया है और यह आयोजन मध्यप्रदेश को खेलों के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम सिद्ध हुआ है।
समापन समारोह में प्रतियोगिता के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले संभागों को सम्मानित किया गया। इंदौर संभाग ने 87 स्वर्ण, 47 रजत और 40 कांस्य पदकों के साथ ओवरऑल चैंपियन का खिताब अपने नाम किया। वहीं भोपाल संभाग 66 स्वर्ण, 33 रजत और 45 कांस्य पदकों के साथ उपविजेता रहा, जबकि जबलपुर संभाग 35 स्वर्ण, 31 रजत और 32 कांस्य पदकों के साथ तृतीय स्थान पर रहा।
खेल का मैदान चरित्र निर्माण की कार्यशाला– राज्यपाल
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल पटेल ने खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं आयोजन से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि बीते दिनों प्रदेश के विभिन्न खेल मैदानों पर बना खेल वातावरण यह दर्शाता है कि मध्यप्रदेश तेजी से खेलों का केंद्र बन रहा है। राज्यपाल पटेल ने कहा कि खेल का मैदान केवल हार-जीत का स्थान नहीं होता, बल्कि यह चरित्र निर्माण की कार्यशाला होता है। खेल से अनुशासन, धैर्य, संघर्ष और आत्मविश्वास विकसित होता है। जीत का संकल्प और हार के बाद फिर खड़े होने की क्षमता खेल ही सिखाता है।
स्पोर्ट्स पावर हाउस बना मध्यप्रदेश
राज्यपाल पटेल ने कहा कि एक समय मध्यप्रदेश को खेलों के क्षेत्र में शांत राज्य माना जाता था, लेकिन आज प्रदेश देश का स्पोर्ट्स पावर हाउस बन चुका है। प्रदेश की बेटियां आज अंतरराष्ट्रीय मंच पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि खेल पूरे शरीर को ऊर्जा देता है और मन को उत्साह से भर देता है। नियमित अभ्यास और निरंतर मेहनत ही सफलता की कुंजी है।
मैदान पर नहीं होती जाति या धर्म
राज्यपाल पटेल ने कहा कि खेल हमें सामाजिक समरसता का संदेश देता है। खेल के मैदान पर कोई जाति, धर्म या भेदभाव नहीं होता, वहाँ केवल खिलाड़ी और उसकी मेहनत होती है। यही खेल की सबसे बड़ी शक्ति है।
गांव-गलियों की प्रतिभाओं को मंच देना सराहनीय
राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि खेलो एमपी यूथ गेम्स के माध्यम से गांव-गलियों में छिपी प्रतिभाओं को खोजकर उन्हें मंच देना एक सराहनीय पहल है। यह आयोजन केवल समापन नहीं, बल्कि एक नए संकल्प और नई शुरुआत का प्रतीक है।
खेलों के क्षेत्र में मध्यप्रदेश बनेगा नंबर 1– मंत्री सारंग
समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में खेलों के क्षेत्र में निरंतर नवाचार किए जा रहे हैं। खेल अकादमियों का सशक्त संचालन, रेजिडेंशियल एकेडमी मॉडल और योग्य प्रशिक्षकों की उपलब्धता से खिलाड़ियों का सर्वांगीण विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि मध्यप्रदेश खेलों के मामले में देश में नंबर-1 बने। आने वाले समय में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कम से कम एक खेल अधोसंरचना विकसित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
पहली बार खेल संघों के साथ मिलकर हुआ सफल आयोजन
मंत्री श्री सारंग ने कहा कि खेलो एमपी यूथ गेम्स देश में अपनी तरह का पहला आयोजन है, जिसमें राज्य स्तरीय खेल संघों के सक्रिय सहयोग और समन्वय से 28 खेलों की प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं। उन्होंने बताया कि इस बार पारंपरिक खेलों जैसे पिट्टू और रस्साकशी के साथ लोकप्रिय खेल क्रिकेट को भी प्रतियोगिता में शामिल कर ग्रामीण और शहरी प्रतिभाओं को समान अवसर प्रदान किया गया। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि पहली बार खेलो एमपी यूथ गेम्स के माध्यम से प्रदेश की सर्वश्रेष्ठ टीमों का चयन किया गया है और खेल अकादमियों के लिए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान संभव हुई है, जो भविष्य में प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे।
एक लाख से अधिक युवा खिलाड़ियों ने की सहभागिता
मंत्री श्री सारंग ने बताया कि खेलो एमपी यूथ गेम्स के माध्यम से पूरे प्रदेश में एक लाख से अधिक युवा खेल गतिविधियों से जुड़े। प्रदेश के 313 ब्लॉकों, जिलों और संभागों में प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं। राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में लगभग 13 हजार खिलाड़ियों ने भाग लिया।
खिलाड़ियों ने जीते कुल 2341 पदक
मंत्री श्री सारंग ने बताया कि प्रतियोगिताओं के माध्यम से खिलाड़ियों ने 723 स्वर्ण, 723 रजत और 895 कांस्य पदक अर्जित किए। उन्होंने कहा कि इससे भी बड़ी उपलब्धि यह रही कि प्रदेश के युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का सशक्त मंच मिला। उन्होंने कहा कि खेलो एमपी यूथ गेम्स का आयोजन 13 जनवरी 2026 से प्रारंभ हुआ था। प्रदेश के 28 खेलों में ब्लॉक, जिला, संभाग और राज्य स्तर पर प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं, जिनमें ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

