नई दिल्ली: मोहम्मद शमी ने भारतीय क्रिकेट में बहुत कुछ हासिल किया है। वह उस भारतीय टीम का हिस्सा थे जिसने ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीती और इंग्लैंड तथा दक्षिण अफ्रीका को उनकी धरती पर हराया। वह वनडे विश्व कप के पिछले तीन संस्करणों में भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। वह 100 वनडे विकेट पूरे करने वाले सबसे तेज भारतीय हैं। वनडे फॉर्मेट में सबसे ज्यादा बार लगातार 4 विकेट लेने का रिकॉर्ड उनके नाम है। हम्मद शमी ने मैदान के अंदर और बाहर भी कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। चोट लगने की वजह से बार-बार बाहर होना, पत्नी हसीन जहां से जुड़ी निजी उलझनें, बेटी से दूर रहना और सबसे ज्यादा परेशान करने वाली बात जब हसीन जहां ने उन पर मैच फिक्सिंग और कई अन्य आरोप लगाए।
हसीन जहां ने शमी के खिलाफ घरेलू हिंसा के लिए पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई। इस कारण बीसीसीआई ने कुछ समय के लिए उनके केंद्रीय अनुबंध को रोक दिया था। यह दौर शमी के करियर का सबसे बुरा दौर था, जिसने उन्हें अपनी जिंदगी खत्म करने के बारे में सोचने पर मजबूर कर दिया। हालांकि, मैच फिक्सिंग मामले में मोहम्मद शमी को जल्द ही क्लीन चिट मिल गई।
शमी को जब क्लीन चिट मिलने की सूचना मिली तो वह खुशी से फूले नहीं समाये। हालांकि, उसके कुछ ही दिन बाद मोहम्मद शमी के साथ बहुत बड़ा हादसा हुआ था। उस हादसे में शमी की जान भी जा सकती थी। उस हादसे के बारे में शमी ने शुभंकर मिश्रा के पॉडकॉस्ट में बताया। मोहम्मद शमी के साथ उनके दोस्त और विधायक उमेश कुमार भी मौजूद थे।
उमेश ने बताया कि शमी की जिंदगी में सबसे इमोशनल पल वह था, जिस रात इन्होंने आत्महत्या करने की सोची थी। उमेश ने कहा, ‘वस वह एक रात थी, जिस रात शायद यह टूट गए थे।’ इस बीच, शमी ने कहा, ‘मेरी नजर में मुझे दो पॉइंट नजर आते हैं। एक तो वह रात जो यह बता रहे हैं। एक वह सीन था, जो मुझे नजर आता है कि हां सब कुछ खत्म हो सकता था या एक बार हमारा एक्सीडेंट हुआ था, हम दोनों ही एक गाड़ी में थे। हमारा दोनों का आखिरी दिन हो सकता था। उस टाइम पर मुझे लगा कि शायद ’
इस पर उमेश ने बताया, ‘हां। शमी को क्लीन चिट मिली थी। फिर यह हुआ कि देहरादून चलते हैं। हम दोनों देहरादून चले गए। वहां पर इन्होंने स्टेडियम में कुछ दिन प्रैक्टिस की। वापस लौट रहे थे हम लोग। सुबह 5, साढ़े पांच या छह बजे का वक्त रहा होगा। अब सुबह सुबह था। आंख लग गई इनकी भी मेरी भी। ये सामने की सीट पर थे। मैं ड्राइविंग सीट पर था। दोनों की ही फ्रंट फेसिंग सीट थी। अचानक से ऐसा लगा कि जैसे गाड़ी के परखच्चे उड़ गए।’
उमेश ने बताया, ‘अब जब तक संभलते तो देखा शमी का बाएं तरफ से पूरा खून बह रहा था।’ शमी ने बताया, ‘ट्रक ने सामने से गाड़ी को हिट किया और सामने के इंडीकेटर से पीछे के इंडीकेटर तक गाड़ी को फाड़ता चला गया। बहुत खतरनाक था।’ उमेश बोले, ‘यह हिस्सा पूरा फट चुका था। चोट लग चुकी थी बहुत। पूरा एकदम ब्लड-ब्लड ही था। मेरा जो बेटा है छोटा, उसके पूरे चेहरे पर चोटें आईं थीं। एकदम से कुछ समझ में ही नहीं आया।’
शमी ने बताया, ‘…और सबसे ज्यादा खतरनाक चीज क्या थी कि ट्रक ने एक्सीडेंट किया और वह भागा। उसने एस्कॉर्ट की गाड़ी भी उड़ाई। फिर गाड़ी जब असंतुलित होकर गाड़ी जहां ऑफ रोड हुई, उससे 2 मीटर दूर ट्रांसफॉर्मर था।’ इस पर उमेश ने कहा, ‘दो मीटर नहीं, सिर्फ एक मीटर। मतलब जहां गाड़ी जाकर अटकी, वहां एक तरफ नीचे खाई थी और सामने पोल था उस पर ट्रांसफॉर्मर रखा हुआ था और गाड़ी वहां जाकर रुक गई, लेकिन पलटी नहीं। अगर गाड़ी नीचे पलट जाती तब फिर किस का बचना मुश्किल था।’
शमी ने बताया, ‘एक तरफ खाई, सामने ट्रांसफॉर्मर और उसके बीच में से मैं निकल गया। पीछे से ये निकल गए।’ एक्सीडेंट के बाद की कहानी बताते हुए उमेश ने कहा, ‘फिर इनको लेकर फटाफट भागे और सीएमआई में भर्ती कराया। वहां इनकी सर्जरी हुई। तो ये दोनों मूमेंट हम दोनों ने जीवन में एकसाथ देखें हैं। जहां लगा था कि सब खत्म है।’