नई दिल्ली : गौतम गंभीर की कोचिंग में भारतीय टीम टी20 और वनडे क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन कर रही है, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में टीम की स्थिति उतनी मजबूत नहीं रही है। हाल ही में भारतीय टीम को अपने ही घर में साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 0-2 से करारी शिकस्त झेलनी पड़ी थी। वहीं, पिछले साल न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में भारत 0-3 से हार गया था।
टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम के कमजोर प्रदर्शन के कारण गौतम गंभीर आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं। इसी बीच, इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर मोंटी पनेसर ने टीम के हेड कोच गौतम गंभीर पर बड़ी प्रतिक्रिया दी है। पनेसर का मानना है कि यदि गंभीर रेड-बॉल क्रिकेट में एक प्रभावशाली कोच बनना चाहते हैं, तो उन्हें रणजी टीम की कोचिंग करके जरूरी अनुभव लेना चाहिए। मोंटी पनेसर की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड) ने वीवीएल लक्ष्मण से गंभीर की जगह रेड-बॉल कोच बनने को लेकर संपर्क किया है, हालांकि बोर्ड के सचिव देवजीत सैकिया ने इन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया था.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बातचीत में मोंटी पनेसर ने कहा कि गौतम गंभीर को रणजी ट्रॉफी के अनुभवी कोचों से मार्गदर्शन लेना चाहिए, ताकि उन्हें समझ में आए कि टेस्ट क्रिकेट के लिए टीम को कैसे तैयार किया जाता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वर्तमान में भारतीय टीम टेस्ट क्रिकेट में कमजोर नजर आ रही है।
टीम को पुनः मजबूती पाने में समय लगेगा: पनेसर
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मोंटी पनेसर ने कहा कि विराट कोहली, रोहित शर्मा और रविचंद्रन अश्विन जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के संन्यास के बाद टीम को पुनः स्थिर करने में समय लगेगा। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि भारत को हाल ही में साउथ अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में 0-2 से हार का सामना करना पड़ा, जो गंभीर के कोच रहते भारत की दूसरी सीरीज हार है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मोंटी पनेसर ने कहा कि गौतम गंभीर व्हाइट-बॉल क्रिकेट में अच्छे कोच हैं और इसमें सफल भी रहे हैं। हालांकि, उन्हें रणजी ट्रॉफी की कोचिंग करने से फायदा हो सकता है। इसके लिए उन्हें रणजी ट्रॉफी में कोचिंग कर चुके अनुभवी कोचों से मार्गदर्शन लेना चाहिए। पनेसर ने यह भी कहा कि वर्तमान में भारतीय टीम टेस्ट क्रिकेट में कमजोर है और यह सच्चाई है। तीन बड़े खिलाड़ियों के संन्यास के बाद टीम के बाकी खिलाड़ियों को तैयार रखना आसान नहीं होता।
मोंटी पनेसर ने टेस्ट और वनडे टीम के कप्तान शुभमन गिल पर भी सवाल उठाए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने गिल को कॉम्प्लेसेंट (लापरवाह) खिलाड़ी बताया और कहा कि उनमें विराट कोहली जैसी आक्रामकता और तीव्रता नहीं दिखती। पनेसर ने यह भी कहा कि शुभमन गिल में प्रतिभा तो है, लेकिन कई बार वह आलसी शॉट खेलकर टीम को मुश्किल में डाल देते हैं। उन्होंने कहा, “विराट कोहली की आक्रामकता हर फॉर्मेट में दिखाई देती है, लेकिन शुभमन गिल वैसा प्रदर्शन नहीं कर पाते। तीनों फॉर्मेट की कप्तानी का दबाव उनके लिए बहुत अधिक है।” उल्लेखनीय है कि रोहित शर्मा के संन्यास के बाद शुभमन गिल को टेस्ट टीम की कप्तानी सौंपी गई थी, और बाद में उन्हें वनडे टीम का कप्तान भी बनाया गया।

