नई दिल्ली : टेनिस की दुनिया में एक बार फिर नोवाक जोकोविच ने ऐसा कारनामा किया है जो आधुनिक खेल में दुर्लभ माना जाता है। खास बात यह है कि इस रिकॉर्ड को हासिल करने के लिए उन्हें 2026 में अब तक रैकेट चलाने की जरूरत तक नहीं पड़ी। जोकोविच ने लगातार 1000 हफ्ते तक एटीपी टॉप-40 में बने रहकर अपने करियर का एक और ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया है।
लगातार 19 वर्षों का कमाल
यह माइलस्टोन अप्रैल 2006 से शुरू हुआ, जब 19 वर्षीय जोकोविच पहली बार एटीपी टॉप-40 में प्रवेश किए। रोलां गैरोस में अपने पहले ग्रैंड स्लैम क्वार्टर फाइनल तक पहुँचने के तुरंत बाद उनकी रैंकिंग में तेजी आई और तब से, लगभग 19 सालों तक, वह एक भी हफ्ता इस स्तर से बाहर नहीं हुए। इस दौरान टेनिस की दुनिया में युग बदले, खिलाड़ी बदले, कोर्ट की सतहों की गति बढ़ी और फिजिकल मांगें अधिक हो गईं, लेकिन जोकोविच की निरंतरता और स्थिर प्रदर्शन हमेशा कायम रहा।
बिना खेलें ही नए सीजन की सुर्खियों में
2026 की शुरुआत में जोकोविच ने एडिलेड इंटरनेशनल से बाहर रहने का निर्णय लिया और एटीपी दौरे के शुरुआती टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लिया। इसके बावजूद उनका प्रभाव कम नहीं हुआ। जबकि ब्रिस्बेन में डेनिल मेदवेदेव और हांगकांग में एलेक्जेंडर बुब्लिक ने खिताब अपने नाम किए, 38 वर्षीय जोकोविच अभी भी एटीपी रैंकिंग में चौथे स्थान पर बने हुए हैं। उनके आगे फिलहाल कार्लोस अल्काराज, यानिक सिनर और एलेक्जेंडर ज्वेरेव का स्थान है।
नई पीढ़ियों के बावजूद जोकोविच का स्थायी प्रदर्शन
जोकोविच का करियर तीन अलग-अलग पीढ़ियों से जुड़ा हुआ है। अपने शुरुआती दिनों में उन्होंने रोजर फेडरर और राफेल नडाल जैसे दिग्गजों का सामना किया, फिर एंडी मरे के समय में दबदबा बनाया और अब कार्लोस अल्काराज़ और यानिक सिनर जैसी नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के खिलाफ खेल रहे हैं। उनके लिए लंबे समय तक शीर्ष स्तर पर बने रहना अब ट्रॉफियां जितने ही महत्वपूर्ण उपलब्धि बन गई है।
ग्रैंड स्लैम की 25वीं जीत की तैयारी
2025 में चारों ग्रैंड स्लैम में सेमीफाइनल तक पहुँचने के बाद, जोकोविच अब 2026 के ऑस्ट्रेलियन ओपन में एक नया बड़ा लक्ष्य लेकर मैदान में उतरेंगे। उनका ध्यान 25वें मेजर खिताब, यानी ग्रैंड स्लैम जीत हासिल करने पर रहेगा। उन्होंने एडिलेड इंटरनेशनल छोड़कर सीधे मेलबर्न पर ध्यान केंद्रित करना इस योजना का हिस्सा बताया है।

