भोपाल: मध्यप्रदेश ओलम्पिक संघ की पहल पर छोटी झील भोपाल स्थित वॉटर स्पोर्ट्स सेन्टर पर ओलम्पिक डे सेलिब्रेशन का आयोजन किया गया। ओलम्पिक डे इवेन्ट में खेल मंत्री विश्वास कैलाश सारंग मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। ओलम्पिक संघ के सचिव दिग्विजय सिंह और भारतीय क्याकिंग केनोइंग संघ के अध्यक्ष प्रशांत कुशवाहा, म.प्र. क्याकिंग केनोइंग संध के अध्यक्ष पी.एस. बुन्देला ने मंत्री विश्वास कैलाश सारंग का पुष्पगुच्छ से स्वागत किया।
खेल जीवन का महत्वपूर्ण अंग है,खेल दुनिया भर के लोगों को जोडऩे का कार्य करता है : विश्वास सारंग
खेल मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने ओलम्पिक डे की पूर्व संध्या पर आयोजित कार्यक्रम में खिलाडिय़ों और युवाओं को संबोधित करते हुये बताया कि खेल जीवन का महत्वपूर्ण अंग है, खेल दुनिया भर के लेागों को जोडऩे का कार्य करता है। उन्होंने बताया कि ओलम्पिक का मूल कार्य लोगों को दिलों से जोडऩा है। ओलम्पिक मूवमेन्ट का उद्देश्य विभिन्न देशों के मध्य स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के माध्यम से समुचित विकास करना है। उन्होंने यह भी बताया प्रधानमंत्री मोदी ने भी देश में खेलों को नई पहचान दी है। उन्होंने ओलम्पिक, विश्व कप, कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स जैसे बड़े आयोजन में भाग लेने वाले खिलाडिय़ों को प्रोत्साहित कर उनका उत्साह बढ़ाया है। यही करण है हमारे खिलाडिय़ों की इन सभी खेलों में भागीदारी बढ़ी है। न केवल हमारे खिलाड़ी अब इन बड़े आयोजनों मे भागीदारी कर रहे हैं, बल्कि पदक भी अर्जित कर रहे हैं। केन्द्र सरकार ने खेलों का बजट बढ़ाया है। खिलाडिय़ों को प्रोत्साहित किया है। देश में खेल का सकारात्मक वातावरण बनाया है।
प्रदेश की सरकार मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में खेलों को जन-जीवन तक पहुंचाने के लिए अथक प्रयास कर रही है। मध्यप्रदेश में भी खेलों का वातावरण निर्मित हुआ है। खिलाडिय़ेां को प्रोत्साहन और सम्मान दिया जा रहा है। हमारे खिलाडी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश को गौरवान्वित कर रहे हैं। नेशनल गेम्स में मध्यप्रदेश चौथे स्थान पर आया है, जो एक रिकार्ड है। एशियन गेम्स में भी हमारे खिलाडिय़ों ने पिछले बार से चार गुना पदक अधिक अर्जित किये हैं। खिलाडिय़ों को हम हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास करेंगे। खेल संघ और सरकार के मध्य समन्वय स्थापित करके खेलों के विकास के लिए अधिक से अधिक प्रयास करेंगे।
खेल मंत्री के उद्बोधन से पूर्व मध्यप्रदेश ओलम्पिक संघ के सचिव दिग्विजय सिंह ने अपने स्वागत उद्बोधन में ओलम्पिक डे के महत्व के बारे में खिलाडिय़ों को बताया। उन्होंने बताया कि मॉर्डन ओलम्पिक खेल सन 1896 को प्रारंभ हुये थे। मार्डन ओलम्पिक को करवाने का श्रेय Pierre de Coubertin को जाता है। इसलिए दिनांक 23 जून को ओलम्पिक डे मनाया जाता है। पहला ओलम्पिक डे सेलिब्रेषन दिनांक 23 जून 1948 को मनाया गया था। तब से अब तक ओलम्पिक डे मनाया जाता है।
उन्होंने अपने उद्बोधन में बताया कि वर्ष 2024 के पेरिस ओलम्पिक गेम्स का थीम है ‘‘लेट्स मूव एण्ड सेलिब्रेट्स‘‘ जिसको फली भूत करने के लिए हम सब यहां उपस्थित हुये हैं। उन्होंने अपने व्यस्त्तम समय में से समय निकालकर बच्चों के बीच आने के लिए मंत्री विश्वास कैलाश सारंग जी का आभार माना।
कार्यक्रम में सभी खिलाडिय़ों ने ओलम्पिक डे मनाया खिलाडिय़ों ने परम्परा अनुसार दौड़ भी लगायी और मंत्री के साथ समूह चित्र भी खिंचवाये। इस अवसर पर भारी संख्या में खिलाड़ी और युवा के साथ-साथ ओलम्पिक संघ के सचिव दिग्विजय सिंह, भारतीय क्याकिंग केनोइंग संघ के अध्यक्ष प्रशांत कुशवाहा, म.प्र. क्याकिंग केनोइंग संध के अध्यक्ष पी.एस. बुन्देला, खेल विभाग के सहायक संचालक विकास खराडक़र, ओलम्पिक संघ के संयुक्त सचिव ओम प्रकाश अवस्थी, भोपाल जिला ओलम्पिक संघ के सचिव जे.पी. सक्सेना, म.प्र. ताईक्वान्डो संघ के उपाध्यक्ष राजेश यादव, बास्केटबाल प्रशिक्षक यशवंत कुशवाह विशेष रूप से उपस्थित थे।

