नई दिल्ली : टी20 विश्व कप 2026 के ग्रुप चरण का अंतिम मुकाबला शुक्रवार, 20 फरवरी को ऑस्ट्रेलिया और ओमान के बीच खेला जाएगा। इस मैच से पहले ओमान के कप्तान जतिंदर सिंह ने ऑस्ट्रेलिया को चेतावनी देते हुए कहा कि उनकी टीम मजबूत चुनौती पेश करने के लिए तैयार है। ऑस्ट्रेलिया का इस टूर्नामेंट में प्रदर्शन निराशाजनक रहा है और वह जिम्बाब्वे तथा श्रीलंका से हारकर सुपर-8 की दौड़ से बाहर हो चुकी है। पिछले 17 वर्षों में यह पहला अवसर है जब ऑस्ट्रेलिया टी20 विश्व कप में ग्रुप स्टेज से आगे नहीं बढ़ सकी। दूसरी ओर, ओमान का अभियान भी खास नहीं रहा है और उसे जिम्बाब्वे, श्रीलंका और आयरलैंड के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा है। इसके बावजूद जतिंदर सिंह को विश्वास है कि उनकी टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बेहतर खेल दिखा सकती है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ऑस्ट्रेलिया को हराने की संभावना पर जतिंदर सिंह ने कहा, “सौ प्रतिशत यह हमारे लिए बड़ा मौका है। हमारे खिलाड़ी इस अवसर का पूरा फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि टी20 क्रिकेट लय और सही समय पर मौके भुनाने का खेल है। यदि आप अपने मौकों को सही तरीके से इस्तेमाल करते हैं तो किसी भी दिन किसी भी टीम को हरा सकते हैं। ऑस्ट्रेलिया इस समय अच्छी फॉर्म में नहीं है, इसलिए उन्हें मात देने का यह उपयुक्त समय है। हमारे खिलाड़ी आत्मविश्वास से भरे हुए हैं और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच में अपनी छाप छोड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।”
2024 वर्ल्ड कप में बारबडोस में आमने-सामने आई थीं दोनों टीमें
ओमान और ऑस्ट्रेलिया का 2024 वर्ल्ड कप में बारबडोस में भिड़ंत हुई थी। ऑस्ट्रेलिया का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था। टीम केवल 164 रन बना पाई थी। कंगारुओं की गेंदबाजी शानदार रही थी। ऑस्ट्रेलिया ने ओमान को 20 ओवर में 9 विकेट पर 125 रन ही बनाने दिए। 2026 कीबात करें तो ऑस्ट्रेलिया की गेंदबाजी कमजोर है। ओमान के कप्तान जतिंदर ने यह भी कहा कि फ्रेंचाइजी क्रिकेट में मौका मिलने से ओमान के खिलाड़ी को मदद मिलेगी।
ओमान अपनी प्रदर्शन क्षमता कैसे सुधार सकता है?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जतिंदर सिंह ने ओमान की बेहतरी को लेकर कहा, “मेरी समझ में, अगर हमारे देश में फ्रेंचाइजी क्रिकेट शुरू हो या हमारे खिलाड़ियों को अन्य देशों की फ्रेंचाइजी लीग में खेलने का अवसर मिले, तो हम अपनी कई कमियों को दूर कर सकते हैं। ऐसे मंच खिलाड़ियों को बड़े मुकाबलों का अनुभव देंगे, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और टीम का समग्र प्रदर्शन भी बेहतर होगा। मुझे लगता है कि नियमित रूप से प्रतिस्पर्धी लीग में खेलने से हमारी टीम को जरूरी अनुभव मिलेगा, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफल होने के लिए बेहद अहम है।”

