नई दिल्ली: ओलंपिक में अब तक पदक की दावेदारी पीवी सिंधू, साइना नेहवाल और किदांबी श्रीकांत के इर्द-गिर्द घूमा करती थी। यह पहली बार है जब पुरुष युगल में कोई भारतीय जोड़ी पदक की दावेदार है। पेरिस में विश्व नंबर तीन सात्विक साईराज रैंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी पदक के सबसे बड़े दावेदारों में से एक है। वहीं, विश्व नंबर 13 पीवी सिंधू लगातार तीसरे ओलंपिक पदक के लिए दावा ठोकने जा रही हैं। पेरिस में सात सदस्यीय बैडमिंटन का दल उतरने जा रहा है। ऐसा ओलंपिक में दूसरी बार होने जा रहा है। 2016 के रियो ओलंपिक में भी सात भारतीय शटलर खेले थे।
पूर्व विश्व नंबर एक, एशियाड और थॉमस कप चैंपियन सात्विक और चिराग की भारतीय जोड़ी को पेरिस में नंबर तीन वरीयता मिली है। उनका ड्रॉ भी अच्छा है। ग्रुप दौर में उनके सबसे कड़े प्रतिद्वंद्वी इंडोनेशिया की छठी वरीय जोड़ी फजर अल्फियान और मोहम्मद रियान है। सात्विक-चिराग का इस जोड़ी के खिलाफ जीत-हार का रिकॉर्ड 3-2 है। अंतिम मुकाबले में भारतीय जोड़ी ने 2023 में कोरिया ओपन इंडोनेशियाई जोड़ी पर जीत हासिल की थी। इस वर्ष दोनों थाईलैंड ओपन और फ्रेंच ओपन का खिताब जीत चुके हैं।
2022 में राष्ट्रमंडल खेलों का स्वर्ण जीतने के बाद से सिंधू लगातार चोटों से जूझती रही हैं। दिग्गज प्रकाश पादुकोण के संरक्षण में आने के बाद उन्होंने जुझारूपन दिखाया है। फिर सिंधू को बड़े टूर्नामेंटों की शटलर माना जाता है। बीते दो ओलंपिक का इसका उदाहरण हैं। रियो में उन्होंने रजत और टोक्यो में कांस्य पदक जीता था। सिंधू को ग्रुप दौर तो आसान मिला है, लेकिन नॉकआउट में उनके सामने चीनी शटलर हैं। अंतिम-16 में उनका चीन की हे बिंग जियाओ और क्वार्टर फाइनल में चीन की टोक्यो ओलंपिक की विजेता चेन यू फेई से मुकाबला संभावित है, लेकिन अपने दिन में वह कुछ भी करने में सक्षम हैं। सिंधू इस वक्त सारब्रुकेन (जर्मनी) में तैयारियां कर रही हैं।
एचएस प्रणय का भी ग्रुप दौर आसान है, लेकिन लक्ष्य सेन के सामने ऑल इंग्लैंड विजेता इंडोनेशिया के जोनाथन क्रिस्टी हैं। अगर लक्ष्य जीत भी जाते हैं तो प्री क्वार्टर फाइनल में प्रणय और वह आमने-सामने होंगे। प्रणय और लक्ष्य में कोई भी क्वार्टर फाइनल में पहुंचता है तो वह पदक के दावेदारों में शामिल हो जाएगा। महिला युगल में अश्वनी पोनप्पा और तनीषा क्रास्टो को भी असाधारण प्रदर्शन दिखाना होगा।

