नई दिल्ली: एशिया कप में भारत-पाकिस्तान मुकाबले के दौरान हुए एक छोटे से घटनाक्रम ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। बुधवार, 17 सितंबर को पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने यूएई के खिलाफ अपने मैच से पहले एक तरह से विवाद खड़ा कर दिया। दरअसल, मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पीसीबी ने इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) से मैच रेफरी एंडी पायक्रॉफ्ट को हटाने की मांग की। बोर्ड का आरोप है कि भारत-पाकिस्तान मैच के टॉस के दौरान पायक्रॉफ्ट ने पाकिस्तानी खिलाड़ी सलमान आगा को भारतीय बल्लेबाज़ सूर्यकुमार यादव से हाथ मिलाने से रोक दिया था। इस मुद्दे को लेकर काफी देर तक बातचीत चली और आखिरकार पाकिस्तान की टीम यूएई के खिलाफ खेलने को राज़ी हुई। पीसीबी ने इस पूरे मामले को ‘अनुचित व्यवहार’ बताया और इसे लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस में नाराजगी जताई।
इस विवाद के बाद पाकिस्तान के शीर्ष क्रिकेट अधिकारियों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर अपना पक्ष स्पष्ट किया। पीसीबी प्रमुख मोहसिन नकवी, पूर्व चेयरमैन नजम सेठी और रमीज राजा ने संयुक्त रूप से मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने दावा किया कि यदि स्थिति नहीं सुलझती तो पाकिस्तान टूर्नामेंट से हटने पर भी विचार कर सकता था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार प्रेस कॉन्फ्रेंस में मैच रेफरी एंडी पायक्रॉफ्ट को भारत का “फेवरेट” बताया गया और उन पर पक्षपात के आरोप लगाए गए। इसके साथ ही सूर्यकुमार यादव के मैच के बाद प्रेजेंटेशन सेरेमनी में दिए गए उस बयान पर भी आपत्ति जताई गई, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ मिली जीत को पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों और भारतीय सेना को समर्पित किया था। पीसीबी ने इसे राजनीतिक बयानबाजी करार देते हुए आईसीसी से कार्रवाई की मांग की।
ये हैं प्रेस कॉन्फ्रेंस की प्रमुख बातें
बहिष्कार एक बहुत बड़ा फैसला था: मोहसिन नकवी
पीसीबी प्रमुख मोहसिन नकवी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, “जैसा कि आप सभी जानते हैं, 14 सितंबर से एक गंभीर संकट चल रहा है। हमें मैच रेफरी एंडी पायक्रॉफ्ट की भूमिका पर आपत्ति थी। कुछ देर पहले ही उन्होंने हमारी टीम के कोच, कप्तान और मैनेजर से मुलाकात की और स्वीकार किया कि यह घटना — यानी सलमान आगा और सूर्यकुमार यादव के बीच हाथ न मिलाने की स्थिति — नहीं होनी चाहिए थी।” मीडिया रिपोर्ट के अनुसार नकवी ने बताया कि पीसीबी ने पहले ही आईसीसी से मैच के दौरान आचार संहिता के संभावित उल्लंघन की जांच की मांग की थी। उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा, “हमारा मानना है कि राजनीति और खेल एक साथ नहीं चल सकते। यह एक खेल है और इसे खेल ही रहना चाहिए। क्रिकेट को इन विवादों से अलग रखा जाना चाहिए।” उन्होंने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने पूर्व चेयरमैन नजम सेठी और रमीज राजा से चर्चा की थी और अगर टूर्नामेंट का बहिष्कार करना पड़ता, तो यह एक बहुत बड़ा फैसला होता, जिसमें प्रधानमंत्री, सरकारी अधिकारी और अन्य शीर्ष पदाधिकारी भी शामिल होते। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा कि उन्हें इस मुद्दे पर सरकार से पूरा समर्थन मिला और पीसीबी अब भी पूरे मामले पर नज़र बनाए हुए है।
पाइक्रॉफ्ट ने माफी मांगी: नजम सेठी
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पूर्व पीसीबी अध्यक्ष नजम सेठी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने बयान में कहा, “पीसीबी का हमेशा से यही उद्देश्य रहा है कि खेलों में राजनीति को जगह न मिले। जब मैं अध्यक्ष था, तब भी यही हमारा सिद्धांत था, और आज भी वही है। हमने कभी राजनीति नहीं की, बल्कि उन्होंने की।” उन्होंने बताया कि पाकिस्तान ने इस मामले में माफी की मांग की थी और अंततः दूसरी ओर से माफी मांग ली गई। सेठी ने इसे क्रिकेट की जीत बताया और दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दुनिया पाकिस्तान के रुख का समर्थन कर रही है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने यह भी कहा, “आप सभी देख सकते हैं कि भारत के रुख पर दुनिया कैसी प्रतिक्रिया दे रही है।”
सूर्यकुमार के बयान से नाराज़ रमीज राजा, जताई सबसे बड़ी आपत्ति
रमीज राजा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूरे विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “यह एक गंभीर स्थिति बन गई थी, जहां भावनाएं बेहद उफान पर थीं। मुझे खुशी है कि हमने कोई ऐसा भावनात्मक निर्णय नहीं लिया जिससे क्रिकेट को नुकसान पहुंचता। यह बहुत जरूरी था कि हम खेल को प्राथमिकता दें।” मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने आगे कहा कि अब पाकिस्तान टीम को इस विवाद से आगे बढ़कर अपने खेल पर ध्यान देना चाहिए। “जो भावनाएं आपने महसूस की हैं, उन्हें अब मैदान पर दिखाना चाहिए। दुनिया को दिखाएं कि हम एक बेहतरीन क्रिकेट खेलने वाला देश हैं,” रमीज ने कहा। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पूरे मामले में उन्हें सबसे ज्यादा आपत्ति सूर्यकुमार यादव द्वारा मैच के बाद प्रेजेंटेशन सेरेमनी में दिए गए बयान पर थी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा, “मेरे लिए सबसे बड़ा और अहम मुद्दा वही बयान था। वह एक महत्वपूर्ण बिंदु था, जिसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।”
एंडी पायक्रॉफ्ट भारत के पसंदीदा मैच रेफरी: रमीज राजा का खुलासा
रमीज राजा ने कहा, “अगर मैच रेफरी की ओर से माफी मांगी गई है तो यह अच्छी बात है, क्योंकि क्रिकेट को क्रिकेट ही रहना चाहिए, वरना इसका कोई अंत नहीं होगा। जैसा कि मोहसिन साहब ने बताया, इस मामले की जांच होगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एक दिलचस्प बात यह है कि एंडी पायक्रॉफ्ट भारत के सबसे पसंदीदा मैच रेफरी हैं। जब भी मैं मैच करता हूँ, चाहे वह कमेंट्री हो या टॉस के समय, मुझे ऐसा लगता है कि पायक्रॉफ्ट हमेशा भारत के मैचों में ही होते हैं। वह अब तक 90 बार भारत के मैचों में मैच रेफरी रह चुके हैं, जो मुझे एकतरफा लगता है। ऐसा नहीं होना चाहिए क्योंकि यह एक तटस्थ मंच है।”

