नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांसद खेल महोत्सव को देश में खेल प्रतिभाओं को निखारने और खेल भावना को मजबूत करने का एक शानदार मंच बताया है। गुरुवार को कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल न सिर्फ युवाओं को खेलों से जोड़ती है, बल्कि उनमें अनुशासन, टीमवर्क और प्रतिस्पर्धा की स्वस्थ भावना भी विकसित करती है। इस कार्यक्रम में खेल मंत्री मनसुख मांडविया भी मौजूद रहे।
जमीनी स्तर पर खिल रही नई प्रतिभा को मिल रहा अवसर
प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि सांसद खेल महोत्सव जैसे आयोजन ग्रासरूट लेवल पर छिपी प्रतिभाओं को सामने लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ी इस मंच के जरिए अपनी क्षमता दिखा सकते हैं, जिससे उन्हें आगे बढ़ने और अपने करियर को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के अवसर मिलते हैं।
खेलों के माध्यम से व्यक्तित्व निर्माण पर जोर
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि खेल केवल जीत-हार तक सीमित नहीं होते, बल्कि ये चरित्र निर्माण, आत्मविश्वास और अनुशासन सिखाते हैं। सांसद खेल महोत्सव न सिर्फ युवाओं में खेल भावना को बढ़ावा देता है, बल्कि उन्हें स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली अपनाने के लिए भी प्रेरित करता है।
विकसित भारत की दिशा में खेलों की महत्वपूर्ण भूमिका
प्रधानमंत्री के मुताबिक, एक विकसित भारत के निर्माण में खेलों की अहम भूमिका है। इस तरह के आयोजन देश में खेल संस्कृति को मजबूत करते हैं और भविष्य के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों की नींव रखने में मदद करते हैं।

