नई दिल्ली: एशिया कप 2025 से पहले भारतीय टीम के तूफानी बल्लेबाज़ रिंकू सिंह ने उत्तर प्रदेश प्रीमियर लीग 2025 में शानदार प्रदर्शन करते हुए चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा और प्लेइंग इलेवन के लिए अपनी दावेदारी मज़बूत कर ली है। हालांकि, पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा का मानना है कि रिंकू सिंह के लिए एशिया कप 2025 में भारत की अंतिम इलेवन में जगह बनाना आसान नहीं होगा। चोपड़ा का कहना है कि टीम में पहले से मौजूद बड़े नाम और संतुलन की ज़रूरत रिंकू की राह में बाधा बन सकती है।
आईपीएल 2025 में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद रिंकू सिंह ने यूपीटी20 2025 लीग में शानदार बल्लेबाज़ी करते हुए अपनी खोई हुई लय वापस पा ली है। इस दमदार प्रदर्शन की बदौलत उन्हें आठ देशों के टूर्नामेंट के लिए भारतीय टीम में जगह भी मिल गई। हालांकि, पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा का मानना है कि रिंकू सिंह को प्लेइंग इलेवन में जगह पाना आसान नहीं होगा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चोपड़ा ने इसका कारण बताते हुए कहा कि टीम इंडिया के मध्यक्रम में पहले से ही कई मज़बूत विकल्प मौजूद हैं, जिसके चलते रिंकू को मौका मिलने की संभावना बेहद कम है।
एशिया कप 2025: प्लेइंग इलेवन से बाहर रह सकते हैं रिंकू सिंह
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अपने यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान आकाश चोपड़ा ने साफ़ कहा कि रिंकू सिंह फिलहाल टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं बना पाएंगे क्योंकि उनके लिए स्थान मौजूद नहीं है। चोपड़ा के मुताबिक़, अगर शिवम दुबे को मौका मिलता है तो वे सातवें नंबर पर खेल सकते हैं, लेकिन इसकी संभावना भी बेहद कम है क्योंकि हार्दिक पांड्या और जितेश शर्मा जैसे खिलाड़ियों को भी टीम में शामिल किया जाना है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने यह भी कहा कि रिंकू सिंह एक बेहतरीन फिनिशर हैं, लेकिन मौजूदा टीम संयोजन को देखते हुए उन्हें बाहर ही बैठना पड़ेगा।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार भारतीय टीम के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने आईपीएल 2025 में रिंकू सिंह के निराशाजनक प्रदर्शन के बावजूद उन्हें टीम में शामिल करने के फैसले को सही ठहराया था। अगरकर ने स्पष्ट किया कि रिंकू को रिज़र्व बल्लेबाज़ के तौर पर चुना गया है और उनकी शुरुआती प्लेइंग इलेवन में जगह बनने की संभावना कम है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि टीम प्रबंधन को विकल्प तलाशने की ज़रूरत महसूस होगी तो रिंकू को मौका दिया जा सकता है। अगरकर ने कहा कि हमें एक अतिरिक्त बल्लेबाज़ की ज़रूरत थी और उपलब्ध 15 खिलाड़ियों की सूची में रिंकू इसके लिए उपयुक्त लगे। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि अगर चयनकर्ताओं के पास 16 खिलाड़ियों का विकल्प होता, तो शायद रिंकू को और मजबूती से टीम में शामिल किया जा सकता था।

