नई दिल्ली : साउथ अफ्रीका के खिलाफ सुपर 8 के पहले मुकाबले में मिली करारी हार के बाद भारतीय टीम की प्लेइंग 11 पर सवाल उठने लगे हैं। अभिषेक शर्मा का फॉर्म पूरे टूर्नामेंट में उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया है, जिससे टीम संयोजन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। वहीं तिलक वर्मा भी निरंतर प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे हैं, जिससे टीम मैनेजमेंट की चिंता बढ़ी है। ऐसे में जिम्बाब्वे के खिलाफ अहम मुकाबले से पहले संजू सैमसन को मौका देने की मांग जोर पकड़ने लगी है, ताकि बल्लेबाजी क्रम में स्थिरता और आक्रामकता दोनों लाई जा सके।
दरअसल भारतीय टॉप ऑर्डर में नंबर 1, नंबर 2 और नंबर 3 तीनों पोजीशन पर बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं। इससे निपटने के लिए विरोधी टीमों ने ऑफ स्पिन का जाल बुन लिया है और हर मैच में भारतीय टीम फंसती भी दिखी है। इसे अब काउंटर करने के लिए ओपनिंग में अभिषेक शर्मा के साथ संजू सैमसन को लाने की मांग की जा रही है। वहीं आउट ऑफ फॉर्म तिलक वर्मा की जगह नंबर 3 पर इशान किशन भी खेल सकते हैं।
प्लेइंग 11 में बदलाव पर क्या बोले इरफान पठान?
स्टार स्पोर्ट्स पर साउथ अफ्रीका के खिलाफ मैच में मिली हार के बाद प्लेइंग 11 पर चर्चा हो रही थी। उस वक्त इरफान पठान ने साफतौर पर कहा कि वह अभिषेक शर्मा को नहीं छेड़ना चाहेंगे। लेकिन तिलक वर्मा की पोजीशन पर सोच-विचार किया जा सकता है। यानी तिलक वर्मा की जगह संजू सैमसन को मौका दिया जा सकता है। क्योंकि उनका भी यह मानना है कि बहुत सारे बाएं हाथ के बल्लेबाज विरोधी टीम के लिए तैयारियां आसान बना रहे हैं।
जिम्बाब्वे मैच से पहले कैफ ने की संजू की वकालत
मोहम्मद कैफ ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ मुकाबले से पहले ही एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए संजू सैमसन को टॉप ऑर्डर में मौका देने की पैरवी की थी। उनका मानना था कि भारतीय टीम में इस समय कई बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं, जिससे विरोधी टीमों को अपनी रणनीति बनाने में आसानी हो रही है। कैफ के मुताबिक, इस पैटर्न को तोड़ने और संतुलन लाने के लिए संजू सैमसन जैसे दाएं हाथ के आक्रामक बल्लेबाज को शीर्ष क्रम में उतारना टीम के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
अक्षर पटेल को बाहर रखना गलत, बोले आकाश चोपड़ा
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आकाश चोपड़ा ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ मिली हार के बाद अक्षर पटेल को बाहर करने पर असहमति जताई। उनका कहना था कि आपने खुद उन्हें उपकप्तान बनाया और फिर बाहर कर दिया। जबकि अक्षर ने हमेशा एक संकटमोचक की तरह भारतीय टीम को मुश्किलों में संभाला है। फिर भी अक्षर की जगह सुंदर को लाना समझ के परे लगा। यानी जिम्बाब्वे के खिलाफ यह मूव बदल सकता है। रविचंद्रन अश्विन ने भी अक्षर को नहीं खिलाने पर आश्चर्य जताया।
जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच के लिए भारत की संभावित प्लेइंग 11
संजू सैमसन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, इशान किशन, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), हार्दिक पंड्या, अक्षर पटेल, रिंकू सिंह, शिवम दुबे, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह।
हार के बाद कोच ने किए बड़े खुलासे
साउथ अफ्रीका के खिलाफ मुकाबले के बाद टीम इंडिया के सहायक कोच रयान टेन डसखाटे और बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने भी जिम्बाब्वे मैच से पहले बल्लेबाजी संयोजन में बदलाव के संकेत दिए। रयान ने स्वीकार किया कि संजू सैमसन के पास अनुभव है और टॉप ऑर्डर में एक दाएं हाथ के बल्लेबाज की मौजूदगी टीम के संतुलन के लिए फायदेमंद हो सकती है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बैटिंग कोच सितांशु कोटक ने स्पष्ट कहा कि अब समय आ गया है कि टीम को यह तय करना होगा कि क्या कुछ अलग करने की जरूरत है या मौजूदा संयोजन के साथ ही आगे बढ़ना है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि हेड कोच और टीम मैनेजमेंट को बदलाव जरूरी लगता है, तो प्लेइंग 11 में परिवर्तन करने से परहेज नहीं किया जाएगा। इन बयानों से साफ है कि आने वाले मुकाबलों में भारतीय टीम की अंतिम एकादश में बदलाव देखने को मिल सकता है।

