एनएसटी न्यूज, भोपाल। राजधानी भोपाल में आयोजित महर्षि मैत्री छठवीं श्रृंखला क्रिकेट प्रतियोगिता का दूसरा दिन रोमांच, उत्साह और सांस्कृतिक रंग में पूरी तरह डूबा रहा। मैदान पर आधुनिक क्रिकेट की तेज रफ्तार के बीच जब संस्कृत भाषा में कमेंट्री और उद्घोष गूंजी, तो दर्शकों को एक अलग ही अनुभव मिला। वैदिक ब्राह्मण युवा कल्याण समिति और परशुराम कल्याण बोर्ड के संयुक्त आयोजन में खेल के साथ भारतीय परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिला।
प्रतियोगिता के दूसरे दिन मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा मैदान पर पहुंचे। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने के साथ खुद भी पिच पर उतरकर बल्लेबाजी की। उनके चौके-छक्कों ने माहौल को और जोशीला बना दिया। इस अवसर पर दिगंबर हरि अखाड़ा के पीठाधीश्वर बृजमोहन दास महाराज, प्रो. शिवम दुबे, अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष पुष्पेंद्र मिश्रा और परशुराम कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष पंडित विष्णु राजोरिया सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
इस प्रतियोगिता की सबसे खास बात रही संस्कृत में की जा रही कमेंट्री। आमतौर पर हिंदी और अंग्रेजी में सुनी जाने वाली क्रिकेट कमेंट्री के स्थान पर जब शुद्ध संस्कृत में मैच का आंखों देखा हाल सुनाया गया, तो दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। आयोजकों के अनुसार इसका उद्देश्य संस्कृत भाषा को बढ़ावा देना और युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना है।
मंगलवार को खेले गए मुकाबलों में कुल छह मैच 8-8 ओवर के रहे। नीलकंठ ने ब्रह्मवेद उज्जैन को हराया, मां वैष्णो धाम ने राज राजेश्वरी को, रुद्र यज्ञ सेना ने सिद्धपुर सीहोर को, एलबीएस दिल्ली ने काशीनाथ रायसेन को और याज्ञिक एकादश ने अपने मुकाबले में जीत दर्ज की। आयोजक समिति के अभिषेक दुबे और अंकुर पांडे ने बताया कि महर्षि मैत्री श्रृंखला का उद्देश्य युवा प्रतिभाओं को मंच देना और खेल संस्कृति को नई दिशा प्रदान करना है।

