34.9 C
New Delhi
Saturday, March 14, 2026

गावस्कर और तेंदुलकर का जिक्र कर सरफराज का आत्मविश्वास, कहा- एक जगह रन बनाने के बाद मुश्किल नहीं रहती

नई दिल्ली: इंग्लैंड में संपन्न हुई पांच टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए भारतीय टीम से सरफराज खान को बाहर किए जाने पर कई लोगों ने हैरानी जताई। जैसे-जैसे यह ऐतिहासिक सीरीज आगे बढ़ी, उनकी कुछ तस्वीरें सामने आईं जिनमें वह पहले से ज्यादा फिट और दुबले-पतले नजर आए। फिलहाल सरफराज कांगा लीग में खेलकर क्रिकेट से लंबा ब्रेक लेने से बच रहे हैं। पार्कोफोन क्रिकेटर्स की ओर से खेलते हुए उन्होंने इस्लाम जिमखाना के खिलाफ सिर्फ 42 गेंद में 61 रन ठोके। मिड-डे से बातचीत में सरफराज ने बताया, ‘बचपन में मैंने पिता और कोच नौशाद खान से कई किस्से सुने थे कि कैसे सुनील गावस्कर सर इंग्लैंड से लौटने के उसी सुबह कांगा लीग का मैच खेलने पहुंच गए थे।’

कांगा लीग में खेलना गर्व की बात

सरफराज खान ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्हें और उनके छोटे भाई मुशीर को हमेशा कांगा लीग में खेलने पर गर्व महसूस हुआ है। उन्होंने बताया कि शनिवार को नागपुर से लौटते समय उनकी उम्मीद थी कि रविवार को बारिश नहीं होगी। हालांकि सुबह हल्की बारिश हुई, लेकिन इस्लाम जिमखाना पहुंचने पर मौसम अच्छा हो गया। सरफराज ने बताया कि उन्होंने आखिरी बार तीन साल पहले कांगा लीग का मैच खेला था। इस मैच से पहले उन्होंने लीग की मैच लिस्ट देखी, जिसमें 2018 में शतक बनाने वालों में उनका नाम दर्ज था, जिसे देखकर उन्हें काफी खुशी हुई।

हर खिलाड़ी के लिए सीखने का बेहतरीन मौका

सरफराज खान ने जोर देकर कहा कि मुंबई के सभी खिलाड़ियों को कांगा लीग में खेलना चाहिए। 20वीं सदी की शुरुआत में खेलने वाले दिग्गज होर्मसजी कांगा के नाम पर इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता की शुरुआत 1948 में हुई थी। यह टूर्नामेंट मुंबई में उस मौसम में खेला जाता है जब बादल छाए रहते हैं और पिच में नमी बनी रहती है, जिससे बल्लेबाजों के लिए रन बनाना बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाता है। यही कारण है कि कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर अक्सर इस लीग में हिस्सा लेने से बचते हैं।

कांगा लीग बल्लेबाज को हर परिस्थिति में तैयार करती है

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सरफराज खान ने कहा कि मुंबई के सभी खिलाड़ियों को कांगा लीग में खेलना चाहिए। उनका मानना है कि कुछ खिलाड़ी इस डर से हिस्सा नहीं लेते कि यहां असफल होने पर उनके भविष्य पर असर पड़ सकता है, लेकिन अगर सुनील गावस्कर और सचिन तेंदुलकर भी ऐसा सोचते, तो शायद वे महान खिलाड़ी नहीं बन पाते। उन्होंने कहा कि अगर बड़े खिलाड़ी इस टूर्नामेंट में खेलेंगे, तो यह शहर के युवाओं के लिए बड़ी प्रेरणा बनेगा। सरफराज के मुताबिक, कांगा लीग ऐसा टूर्नामेंट है कि अगर कोई यहां सफल हो जाता है, तो वह दुनिया में कहीं भी रन बना सकता है।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

15,780FansLike
2,290FollowersFollow
5,445SubscribersSubscribe

Latest Articles