नई दिल्ली : वर्ल्ड क्रिकेट में मौजूदा समय में अगर किसी फॉर्मेट में बल्लेबाज़ों के लिए खुद को साबित करना सबसे कठिन है, तो वह निस्संदेह टेस्ट क्रिकेट है। इसका ताज़ा उदाहरण वेस्टइंडीज और ऑस्ट्रेलिया के बीच हाल ही में समाप्त हुई तीन मैचों की टेस्ट सीरीज़ में देखने को मिला। इस सीरीज़ में तीनों ही मुकाबलों में बल्लेबाज़ों को संघर्ष करते हुए देखा गया, जहां रन बनाना बेहद मुश्किल साबित हुआ। तेज गेंदबाजों को पिच से भरपूर मदद मिली और बल्लेबाज़ों को टिक कर खेलने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। इस चुनौतीपूर्ण माहौल में एक ऐसा नजारा भी देखने को मिला, जो टेस्ट क्रिकेट में लगभग 30 साल पहले किसी सीरीज़ में देखने को मिला था। यह पल टेस्ट क्रिकेट की अनिश्चितता और रोमांच को दर्शाता है, जो आज भी इस फॉर्मेट को खास बनाता है।
वेस्टइंडीज और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली गई तीन मैचों की टेस्ट सीरीज़ में एक अद्भुत और दुर्लभ नज़ारा देखने को मिला, जहां दोनों टीमों का कोई भी बल्लेबाज़ शतक नहीं बना सका। पूरी सीरीज़ के दौरान बल्लेबाज़ों को गेंदबाज़ों के खिलाफ टिकना बेहद मुश्किल साबित हुआ। इस सीरीज़ में सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी वेस्टइंडीज के ब्रैंडन किंग के बल्ले से आई, जिन्होंने 75 रन बनाए। यह 30 वर्षों में पहली बार हुआ है जब तीन या उससे अधिक टेस्ट मैचों की किसी सीरीज़ में एक भी शतकीय पारी नहीं देखने को मिली। इससे पहले ऐसा नज़ारा 1995 में भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीन मैचों की टेस्ट सीरीज़ में देखने को मिला था, जब दोनों ओर से कोई बल्लेबाज़ शतक नहीं लगा सका था। यह आंकड़ा इस बात का प्रतीक है कि टेस्ट क्रिकेट में अब भी गेंदबाज़ों का दबदबा कायम है और बल्लेबाज़ों के लिए हर रन अमूल्य होता जा रहा है।
टेस्ट में तीन या उससे अधिक सीरीज जब कोई भी शतक नहीं लगा
इंग्लैंड का ऑस्ट्रेलिया दौरा (साल 1882)
ऑस्ट्रेलिया का इंग्लैंड दौरा (साल 1888)
न्यूजीलैंड का भारत दौरा (साल 1969)
वेस्टइंडीज का पाकिस्तान दौरा (साल 1986)
जिम्बाब्वे का पाकिस्तान दौरा (साल 1993)
न्यूजीलैंड का भारत दौरा (साल 1995)
ऑस्ट्रेलिया का वेस्टइंडीज दौरा (साल 2025)
WTC: ऑस्ट्रेलिया का धमाकेदार आगाज़, टॉप पर कब्जा
ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के चौथे संस्करण की शुरुआत बेहद शानदार अंदाज़ में की है। उन्होंने तीन मैचों की टेस्ट सीरीज़ के सभी मुकाबले जीतकर 100 फीसदी अंकों के साथ अंक तालिका में पहला स्थान हासिल किया है। ऑस्ट्रेलिया का यह प्रदर्शन यह दिखाता है कि वे इस चक्र में भी खिताब के प्रबल दावेदार हैं। दूसरी ओर, श्रीलंका की टीम 66.67 फीसदी अंकों के साथ फिलहाल दूसरे स्थान पर बनी हुई है, जबकि इंग्लैंड की टीम 61.11 फीसदी अंकों के साथ तीसरे स्थान पर काबिज है। इस रैंकिंग से यह साफ है कि शुरुआती दौर में ही टॉप टीमों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है और आगे चलकर यह दौड़ और भी रोमांचक होने वाली है।


