नई दिल्ली। T20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम को भले ही सबसे प्रबल दावेदार माना जा रहा हो, लेकिन ग्रुप चरण की राह उतनी आसान नहीं है जितनी कागजों पर दिखती है। पिछले दो वर्षों में शानदार प्रदर्शन और 48-8 के जीत-हार रिकॉर्ड के बावजूद भारत को ग्रुप ए में USA, नामीबिया, नीदरलैंड्स और संभावित रूप से पाकिस्तान जैसी टीमों से सतर्क रहना होगा।
भारत का पहला मुकाबला 7 फरवरी को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में USA के खिलाफ होगा। पिछला विश्व कप याद दिलाता है कि यह टीम हल्के में लेने लायक नहीं है। 2024 में USA ने पाकिस्तान को सुपर ओवर में हराकर चौंकाया था और भारत के खिलाफ भी एक समय दबाव बना दिया था। हालांकि अनुभव की कमी और लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट न खेलने का असर USA पर पड़ सकता है।
दूसरा मुकाबला 12 फरवरी को दिल्ली में नामीबिया से होगा। लगातार चौथा T20 वर्ल्ड कप खेल रही नामीबिया को उलटफेर के लिए जाना जाता है। सीमित अनुभव के बावजूद एरार्ड इरास्मस की कप्तानी में यह टीम साउथ अफ्रीका और श्रीलंका जैसी टीमों को हरा चुकी है। जेजे स्मिट, यान फ्रायलिंक और रुबेन ट्रंपलमन भारत के लिए खतरा बन सकते हैं।
पाकिस्तान के खिलाफ 15 फरवरी का मुकाबला फिलहाल अनिश्चित है। अगर यह मैच होता है तो हमेशा की तरह हाई-वोल्टेज रहेगा। पाकिस्तान हालिया समय में सबसे ज्यादा T20I खेलने वाली टीमों में शामिल है और उनका रिकॉर्ड भी मजबूत रहा है। हालांकि राजनीतिक परिस्थितियों और संभावित बहिष्कार ने इस मैच को लेकर असमंजस पैदा कर दिया है।
ग्रुप का अंतिम मुकाबला 18 फरवरी को नीदरलैंड्स के खिलाफ होगा। नीदरलैंड्स को बड़े टूर्नामेंट में उलटफेर करने का विशेषज्ञ माना जाता है। स्कॉट एडवर्ड्स की कप्तानी में यह टीम संतुलित नजर आती है और भारत को यहां भी पूरी तैयारी के साथ उतरना होगा। कुल मिलाकर, भारतीय टीम के पास अनुभव, फॉर्म और गहराई जरूर है, लेकिन ग्रुप चरण में हर मुकाबला सतर्कता और सही रणनीति की मांग करेगा।

