नई दिल्ली : भारत को साउथ अफ्रीका के खिलाफ सुपर 8 मुकाबले में मिली हार डिफेंडिंग चैंपियन के लिए बड़ा झटका जरूर है, लेकिन इससे उसकी सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदें पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। टीम के पास अब भी अंतिम चार में जगह बनाने का मौका मौजूद है, हालांकि आगे की राह चुनौतीपूर्ण होगी और हर मैच में सटीक रणनीति के साथ उतरना होगा। प्रोटियाज से हार के बाद भारत को अपने बाकी मुकाबलों में जीत दर्ज करनी होगी और नेट रन रेट पर भी खास ध्यान देना पड़ेगा। ऐसे में आइए समझते हैं कि किन समीकरणों के तहत भारत अब भी सेमीफाइनल में पहुंच सकता है।
सेमीफाइनल की राह: क्या है भारत के लिए गणित?
भारत को अब सुपर 8 में जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज के खिलाफ मैदान पर उतरना है। टीम इंडिया को सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए इन दोनों टीमों के खिलाफ जीत हासिल करनी होगी। यही नहीं भारत को कोशिश करनी होगी कि वो इन दोनों टीमों को बड़े अंतर से हराए और भारत का रन रेट बेहतरीन रहे। वहीं दूसरी तरफ साउथ अफ्रीका अपने अगले दोनों मुकाबले जीत लेती है तो इस टीम के 6 अंक हो जाएंगे और भारत के 4 अंक होंगे। इस स्थिति में भारत आसानी से सेमीफाइनल में पहुंच जाएगा, लेकिन भारत अगर एक भी मैच हारता है तो वो वर्ल्ड कप से बाहर हो जाएगा।
सेमीफाइनल की राह में वेस्टइंडीज बनेगा बड़ा खतरा
भारत के लिए समीकरण तब और जटिल हो सकता है जब साउथ अफ्रीका अपने अगले दो मैचों में से एक हार जाए। ऐसी स्थिति में भारत और साउथ अफ्रीका दोनों के 4-4 अंक हो सकते हैं। वहीं यदि साउथ अफ्रीका को वेस्टइंडीज हरा दे, भारत से भी उसे हार मिले, लेकिन वह जिम्बाब्वे के खिलाफ जीत दर्ज कर ले, तो वेस्टइंडीज के भी 4 अंक हो जाएंगे। तब मामला पूरी तरह नेट रन रेट पर आ टिकेगा और भारत, साउथ अफ्रीका व वेस्टइंडीज में से जिस टीम का रन रेट बेहतर होगा, वही सेमीफाइनल में जगह बनाएगी। यानी भारत के लिए बेहतर यही होगा कि साउथ अफ्रीका अपने अगले दोनों मुकाबले जीत जाए, ताकि अंकतालिका का गणित उसके पक्ष में रह सके।

