नई दिल्ली: बीते सीजन में आईपीएल महेंद्र सिंह धोनी के रंग में रंगा हुआ था। वह जहां भी जाते थे घरेलू फैंस अपनी टीम छोड़ पीली जर्सी में दिखते। लोग उनकी बल्लेबाजी देखने के लिए दूसरे खिलाड़ियों के आउट होने का इंतजार करते। हालांकि इस साल स्थिति में थोड़ा बदलाव आया है। अब कई लोग इस हक में है कि धोनी को संन्यास ले लेना चाहिए। चेन्नई की टीम में बतौर बल्लेबाज उनकी भूमिका समझ नहीं आती। ऐसे ही लोगों को टीम के हेड कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने जवाब दिया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, फ्लेमिंग ने रविवार को राजस्थान के खिलाफ चेन्नई सुपर किंग्स की हार के बारे में बात की। उन्होंने यहां यह भी बताया कि धोनी ही अपना बल्लेबाजी ऑर्डर तय करते हैं और टीम में जरूरी बैलेंस लाते हैं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार फ्लेमिंग ने कहा, ‘यह समय की बात है। धोनी जज करते हैं। उनके घुटने वैसे नहीं है जैसे कुछ समय पहले थे। वह ठीक तरह मूव कर रह हैं। हालांकि पूरी तरह ठीक नहीं है। वह 10 ओवर बल्लेबाजी भागते हुए बल्लेबाजी नहीं कर सकते। इसलिए वह उसी दिन तय करते हैं कि वह हमें क्या दे सकते हैं। अगर मैच आज की तरह संतुलित है तो वह थोड़ा पहले बल्लेबाजी करने उतरते हैं, बाकी समय वह दूसरे खिलाड़ियों को मौका देते हैं। वह बैलेंस कर रहे हैं।’
फ्लेमिंग ने इशारों-इशारों में यह भी कहा किया कि उनकी टीम धोनी को न खिलाने के बारे में नहीं सोच रही है। धोनी टीम के लिए काफी अहम है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा, ‘मैंने पिछले साल भी कहा था कि वह टीम के लिए काफी अहम है। उनकी लीडरशिप और विकेटकीपिंग काफी अहम है, उसके लिए अब धोनी को 9-10 ओवर बल्लेबाजी करने नहीं भेजेंगे। उन्होंने ऐसा कभी नहीं किया है। वह 13-14 ओवर के बाद ही बल्लेबाजी करने उतरते हैं। वह देखते हैं कि स्थिति क्या है।’