नई दिल्ली : रूस के ग्रैंडमास्टर आंद्रे एसिपेंको ने तीसरे स्थान के मुकाबले में उज्बेकिस्तान के नोडिरबेक याकूबबोव पर लगातार दो जीत दर्ज करते हुए बुधवार (25 नवंबर) को चेस विश्व कप में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया और साथ ही कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में अपनी जगह भी सुनिश्चित कर ली। वहीं फाइनल में चीन के वेई यी और उज्बेकिस्तान के जावोखिर सिंडारोव के बीच टाईब्रेक के जरिए चैंपियन का फैसला होगा।
वेई यी और सिंडारोव क्लासिकल प्रारूप के पहले दो मुकाबलों के बाद 1-1 की बराबरी पर हैं। फिडे के झंडे के तहत खेल रहे आंद्रे एसिपेंको ने धैर्य और सटीकता का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए याकूबबोव को लगातार दो बार मात देकर तीसरा स्थान हासिल किया और 60,000 डॉलर की पुरस्कार राशि भी सुनिश्चित की। चौथे स्थान पर रहे याकूबबोव को 50,000 डॉलर मिले। कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में एसिपेंको की एंट्री इसलिए और भी अहम मानी जा रही है क्योंकि इस समय दुनिया के शीर्ष दस खिलाड़ियों में एक भी रूसी खिलाड़ी शामिल नहीं है।
कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में डी गुकेश और प्रज्ञानानंदा होंगे
विश्व चैंपियनशिप में भारत के डी गुकेश को चुनौती देने के लिए होने वाले कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में भारत की ओर से एकमात्र प्रतिनिधि आर प्रज्ञानानंदा होंगे। उनके साथ अमेरिका के हिकारू नाकामुरा और फैबियानो कारुआना, हॉलैंड के अनीश गिरी, जर्मनी के मैथियास ब्लूबाम, और विश्व कप फाइनल में पहुंचकर क्वालीफाई करने वाले चीन के वेई यी तथा उज्बेकिस्तान के जावोखिर सिंडारोव शामिल होंगे।
एसिपेंको की प्रतिक्रिया क्या रही?
कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई करने के बाद एसिपेंको ने अपनी भावनाएँ साझा करते हुए कहा कि इस स्तर पर खेलना बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। उन्होंने बताया कि मैच के दौरान वे किसी प्रकार की कैलकुलेशन नहीं कर पा रहे थे और सिर्फ अपनी मोहरों को सही जगह पर रखने पर ध्यान केंद्रित कर रहे थे। एसिपेंको के अनुसार पहला गेम जीतना बेहद अहम था, क्योंकि इसके बाद उनके प्रतिद्वंद्वी पर वापसी की मजबूरी थी। उन्होंने कहा कि कैंडिडेट्स में जगह बनाना उनके लिए एक खास उपलब्धि है और यह जीत उनके आत्मविश्वास को नई ऊँचाइयों पर ले जाती है।

