चेन्नई: भारत का एफआईएच पुरुष जूनियर हॉकी विश्व कप दोबारा जीतने का सपना सेमीफाइनल में ही टूट गया। नौ साल बाद खिताब वापस हासिल करने की उम्मीदों पर जर्मनी ने 5-1 की करारी हार देकर विराम लगा दिया। सात बार की चैंपियन और मौजूदा खिताबधारी जर्मनी ने रविवार को खेले गए मुकाबले में शुरुआत से अंत तक पूरा दबदबा बनाए रखा। भारत ने पिछली बार 2016 में लखनऊ में यह खिताब जीता था, लेकिन इस बार टीम जर्मनी की मजबूत चुनौती को पार नहीं कर सकी।
जर्मनी की ओर से लुकास कॉसेल ने 14वें और 30वें मिनट में दो गोल दागे, जबकि टाइटस वेक्स (15वां), जोनास वॉन जर्सम (40वां) और बेन हासबाख (49वां) ने एक-एक गोल कर टीम की बढ़त मजबूत की। भारत की तरफ से एकमात्र गोल 51वें मिनट में अनमोल एक्का ने पेनल्टी कॉर्नर पर किया। इस हार के साथ अब भारत बुधवार को अर्जेंटीना के खिलाफ ब्रॉन्ज मेडल के लिए उतरेगा, जबकि जर्मनी फाइनल में स्पेन से भिड़ेगा। स्पेन ने पहले सेमीफाइनल में अर्जेंटीना को 2-1 से हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई।
भारत ने शुरुआत आक्रामक की, लेकिन मैच के साथ जर्मनी ने खेल पर पकड़ मजबूत कर ली। भारतीय गोलकीपर प्रिंसदीप सिंह ने शुरुआती मिनटों में कुछ अच्छे बचाव किए, लेकिन 13वें मिनट में जर्मनी को मिले पेनल्टी स्ट्रोक पर लुकास कॉसेल ने गोल दाग दिया। पहले क्वार्टर के अंत से ठीक पहले टाइटस वेक्स ने कॉसेल के क्रॉस पर गोल कर बढ़त दोगुनी कर दी। दूसरे क्वार्टर के अंतिम सेकंडों में जर्मनी को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिस पर कॉसेल ने अपना दूसरा गोल करते हुए हाफ टाइम में टीम को 3-0 से आगे कर दिया। तीसरे क्वार्टर में भारत को गोल करने का सुनहरा मौका मिला, लेकिन सौरभ आनंद कुशवाहा खुले गोल के सामने गेंद फंसाकर चूक गए।
इसके बाद जर्मनी ने अपना दबदबा बनाए रखा और 40वें मिनट में जोनास वॉन जर्सम ने टीम के लिए चौथा गोल दागा। 49वें मिनट में बेन हासबाख ने शानदार डाइव के साथ पाँचवाँ गोल कर भारत की मुश्किलें और बढ़ा दीं। 51वें मिनट में भारत को लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर मिले, जिनमें से एक पर अनमोल एक्का ने गोल करते हुए स्कोर 5-1 किया। हालांकि तब तक मुकाबला पूरी तरह जर्मनी के पक्ष में झुक चुका था। भारतीय टीम ने आखिरी वक्त तक संघर्ष किया, लेकिन जर्मनी की मजबूत रक्षापंक्ति को भेदना आसान नहीं था। अब टीम की उम्मीदें बुधवार को होने वाले कांस्य पदक मुकाबले में जीत पर टिकी होंगी।

