नई दिल्ली : ‘बांग्लादेश क्रिकेटर्स वेलफेयर एसोसिएशन’ (CWAB) के अध्यक्ष मोहम्मद मिथुन ने खुलासा किया है कि बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी के अपमानजनक बयान के खिलाफ खिलाड़ियों का समर्थन करने के बाद उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। ‘क्रिकबज’ को दिए इंटरव्यू में मिथुन ने बताया कि वह चाहते हैं कि बांग्लादेशी टीम अगले महीने होने वाला टी20 वर्ल्ड कप खेले, लेकिन किसी भी तरह की सुरक्षा आशंकाओं के बिना।
बांग्लादेश सुरक्षा कारणों से विश्व कप के अपने चार लीग मैच भारत की बजाय श्रीलंका में कराने की मांग कर रहा है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के निदेशक नजमुल इस्लाम ने कहा कि अगर आईसीसी उनके मैच अन्यत्र नहीं कराती है और टीम टूर्नामेंट से नाम वापिस लेती है तो उन्हें मुआवजा नहीं मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि खिलाड़ियों ने ऐसा कुछ खास नहीं किया है जिससे उन्हें भुगतान मिलना चाहिये।
मैंने सिर्फ क्रिकेट और क्रिकेटरों के पक्ष में बोला है
मिथुन ने कहा ,‘‘मैने पहले ऐसा कुछ अनुभव नहीं किया। मेरी जिंदगी में ऐसा पहली बार हो रहा है। मुझे याद भी नहीं कि कभी विवादास्पद चर्चा का हिस्सा रहा हूं। यह मेरे सिर के ऊपर जा रहा है कि मैने कब देश के खिलाफ कोई बयान दिया। मुझे समझ में नहीं आ रहा कि इसे कैसे लूं या कैसे बयां करूं। मैने कभी ऐसा कोई शब्द नहीं बोला जो देश के खिलाफ हो। मैंने सिर्फ क्रिकेट और क्रिकेटरों के पक्ष में बोला है।’’
पद पर रहने का क्या फायदा
मिथुन ने कहा ,‘‘यहां कोई निजी मसला नहीं है। चूंकि मैं एक संगठन का अध्यक्ष हूं और अगर मैं खिलाड़ियों के अधिकारों के बारे में नहीं बोलूंगा तो पद पर रहने का क्या फायदा। देश से ऊपर कोई नहीं है।’’ मिथुन ने कहा कि अभी तक उन्होंने बीसीबी को औपचारिक तौर पर धमकियों के बारे में बताया नहीं है, लेकिन उन्हें पता चला है कि कुछ खिलाड़ियों को भी ऐसे संदेश मिले हैं।
खिलाड़ियों को भी मिल रही धमकियां
मिथुन ने कहा ,‘‘मैने बोर्ड को अभी सूचना नहीं दी है। ईमानदारी से कहूं तो मैं अपने मोबाइल पर गुमनाम नंबर से फोन नहीं उठा रहा हूं। लेकिन मैसेज या वॉइस नोट कैसे रोकूं। मैंने इस बारे में पूछा। मेरा नंबर लोगों के पास है क्योंकि सीडब्ल्यूएबी की ओर से यही प्रेस में जाता है। यही वजह है कि मुझे ज्यादा कॉल और मैसेज आ रहे हैं। लेकिन दूसरे खिलाड़ियों को भी इस तरह की धमकियां मिल रही है। मैने बोर्ड से इस बारे में बात नहीं की है। मुझे नहीं पता कि कानून की मदद कैसे लेनी है क्योंकि मैं अपने जीवन में कभी थाने तक नहीं गया।’’
भारत दौरे के मुद्दे पर मिथुन ने क्या कहा?
विश्व कप खेलने के लिए बांग्लादेश टीम के भारत जाने के मुद्दे पर उन्होंने कहा, “हम खिलाड़ियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हैं। हम नहीं चाहते कि कोई भी खिलाड़ी किसी तरह का जोखिम उठाकर जाए, लेकिन हमारी इच्छा यह भी है कि खिलाड़ी विश्व कप में हिस्सा लें। मेरा मानना है कि सरकार खिलाड़ियों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस मामले में सही फैसला लेगी।”

