नई दिल्ली: न्यूज़ीलैंड क्रिकेट (NZC) ने कीवी टीम के पूर्व हेड कोच गैरी स्टीड की टीम में वापसी का आधिकारिक ऐलान किया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 26 सितंबर को NZC द्वारा जारी बयान में बताया गया कि स्टीड अब एक नई भूमिका में हाई-परफॉर्मेंस कोच के रूप में काम करेंगे। इस पद के तहत वह खिलाड़ियों और कोचों के विकास में सहयोग करेंगे और हाई-परफॉर्मेंस कार्यक्रमों को और अधिक मजबूत बनाने का कार्यभार संभालेंगे। यह नियुक्ति ऐसे समय पर हुई है जब गैरी स्टीड ने जून 2025 में न्यूजीलैंड पुरुष क्रिकेट टीम के हेड कोच पद से इस्तीफा दिया था।
उन्होंने 2018 से 2025 तक कोच रहते हुए टीम को कई बड़ी सफलताएं दिलाईं, जिनमें वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप जीतना भी शामिल है। उनकी वापसी को टीम के भविष्य के लिए एक अहम कदम माना जा रहा है। स्टीड के कार्यकाल में न्यूजीलैंड टीम तीन बड़े ICC टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची। इनमें 2019 वनडे वर्ल्ड कप, 2021 T20 वर्ल्ड कप और 2025 चैंपियंस ट्रॉफी शामिल हैं। इसके अलावा उनकी कोचिंग में न्यूजीलैंड ने 2019–2021 के चक्र में पहला वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप खिताब जीतते हुए भारत को फाइनल में हराया था।
अब खिलाड़ियों को संवारने की होगी कोशिश
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अपनी नई भूमिका को लेकर गैरी स्टीड ने कहा कि पिछले 30 वर्षों से न्यूज़ीलैंड क्रिकेट उनके दिल के बेहद करीब रहा है और एक बार फिर इस खेल में योगदान देने का मौका मिलना उनके लिए बेहद खास है। उन्होंने कहा कि उन्हें कोचिंग के प्रति गहरा जुनून है और वह चाहते हैं कि अपनी स्किल्स और अनुभव को साझा करके खिलाड़ियों और कोचों को बेहतर बनाने में योगदान दें। स्टीड ने यह भी कहा कि अगर उनकी कोशिशों से न्यूज़ीलैंड की पुरुष और महिला टीम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जीत हासिल करती हैं, तो इससे उन्हें बेहद संतोष और गर्व महसूस होगा।
अब भारत में भी कोचिंग कर सकेंगे
गैरी स्टीड की यह नई भूमिका पार्ट-टाइम होने के कारण उन्हें NZC के बाहर भी काम करने का अवसर मिलेगा। इसका सीधा मतलब यह है कि उनकी यह नियुक्ति 2025-26 रणजी ट्रॉफी सीजन में आंध्र क्रिकेट टीम के हेड कोच बनने में किसी तरह की बाधा नहीं बनेगी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार स्टीड ने कहा कि वह इस बात के लिए आभारी हैं कि उन्हें न्यूजीलैंड क्रिकेट के बाहर भी काम करने की अनुमति मिल रही है। इससे उन्हें अपने अनुभव और कौशल को और अधिक विस्तृत करने का मौका मिलेगा, जो न केवल उनके व्यक्तिगत विकास के लिए बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट समुदाय के लिए भी लाभकारी साबित हो सकता है।

