नई दिल्ली : महिला वर्ल्ड कप 2025 के सेमीफाइनल में गुरुवार (30 अक्टूबर) को भारतीय टीम जब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैदान में उतरेगी, तो शैफाली वर्मा से तेज शुरुआत की उम्मीद होगी। शैफाली के लिए यह खुद को साबित करने का एक बेहतरीन अवसर होगा। अपनी आक्रामक बल्लेबाजी शैली की वजह से उन्हें ‘लेडी सहवाग’ कहा जाता है। शैफाली को टीम का एक महत्वपूर्ण ट्रंप कार्ड माना जाता है, क्योंकि वह अकेले अपने प्रदर्शन से मैच का पलड़ा अपनी टीम के पक्ष में झुका सकती हैं।
शैफाली ने भारत के लिए पिछला वनडे 29 अक्टूबर 2024 को खेला था। ठीक 1 साल और 1 दिन बाद उन्हें खेलने का मौका मिलेगा। भारत के लिए खेलने का मौका मिलेगा। खराब फॉर्म के कारण वह टीम से बाहर हुई थीं। इसके बाद स्मृति मंधाना की नई जोड़ीदार प्रतिका रावल के अच्छे प्रदर्शन के कारण उनकी वापसी नहीं हो पा रही थी। अब प्रतिका चोटिल होकर महिला वर्ल्ड कप से बाहर हो गई हैं तो हारियाणा की इस खिलाड़ी पर उनकी कमी न खलने देने की जिम्मेदारी होगी।
स्मृति-प्रतिका की जोड़ी का विघटन, भारत के लिए बड़ा झटका
स्मृति मंधाना और प्रतिका रावल की जोड़ी भारत की सबसे सफल ओपनिंग जोड़ी है। 23 पारी में 78.21 के औसत और 6.06 के रन रेट से 1799 रन जोड़े हैं। ऑस्ट्रेलिया जैसी टीम और सेमीफाइनल जैसे मुकाबले से पहले जोड़ी का टूट जाना भारत ही नहीं दुनिया की किसी टीम के लिए बड़ा झटका होगा। प्रतिका ने वर्ल्ड कप में भी शानदार प्रदर्शन किया है। वह 6 पारियों में 308 रन बनाकर टूर्नामेंट में तीसरी सबसे ज्यादा बनाने वाली खिलाड़ी हैं। शैफाली के लिए सीधे सेमीफाइनल में आकर अच्छा प्रदर्शन करना आसान नहीं होगा।
स्मृति-शैफाली की जोड़ी का प्रदर्शन है शानदार
स्मृति मंधाना और शैफाली वर्मा की जोड़ी का रिकॉर्ड भी काफी मजबूत है। इन दोनों ने वनडे में भारत के लिए 25 बार साझेदारी की है, जिसमें उन्होंने 37.20 के औसत और 5.38 के रन रेट के साथ कुल 893 रन बनाए हैं। मंधाना का वनडे वर्ल्ड कप में भी प्रदर्शन शानदार रहा है। उन्होंने 7 मैचों की 7 पारियों में 60.83 के औसत से 365 रन बनाए हैं, और उनका स्ट्राइक रेट 102.53 भी काफी प्रभावशाली है।

