मास्को | रूस की महिला टेनिस स्टार मारिया शारापोवा ने कहा है कि उन्होंने अभी तक 2020 में होने वाले ओलम्पिक खेलों के बारे में नहीं सोचा है। शारापोवा का मानना है कि इस बारे में सोचना जल्दबाजी होगी, इसलिए उनका ध्यान इस समय सिर्फ वापसी पर है। समाचार एजेंसी तास के मुताबिक, रशियन टेनिस महासंघ के अध्यक्ष शामिल तारपिश्चेव ने इससे पहले कहा था कि शारापोवा ओलम्पिक-2020 जीतने की काबिलियत रखती हैं। शारापोवा ने बुधवार (1 फरवरी) को कहा, “मेरी कोई दीर्घकालिक योजना नहीं है, क्योंकि मैं इसके बारे में अभी नहीं सोच रही हूं।” उन्होंने कहा, “अभी मेरा ध्यान सिर्फ स्टटगार्ट टूर्नामेंट और अपनी वापसी पर है। टोक्यों में क्या होगा, मैं उसमें खेलूंगी या नहीं, यह बड़ा सवाल है। मैंने अभी किसी से इस बारे में बात नहीं की है।”
डोपिंग के कारण निलंबन झेलने के बाद शारापोवा इसी साल अप्रैल के अंत में कोर्ट पर वापसी करेंगी। वह स्टटगार्ट टूर्नामेंट में कोर्ट पर उतरेंगी। उन्होंने कहा, “अगर मैं फिट रही तो मैं 2020 ओलम्पिक में खेलना पसंद करूंगी। हालांकि मैं नहीं जानती की मेरा शरीर आने वाले समय में कैसा रहेगा। इसलिए अभी यह कहना मुश्किल है कि मैं राष्ट्रीय टीम के लिए खेलूंगी या नहीं।” पिछले साल ऑस्ट्रेलियन ओपन के दौरान शारापोवा को डोपिंग का दोषी पाया गया था, जिसके कारण उन्हें टेनिस से जुड़ी सारी गतिविधयों में हिस्सा लेने से निलंबित कर दिया गया था। पूर्व नंबर-1 खिलाड़ी इसी कारण रियो ओलम्पिक-2016 में हिस्सा नहीं ले पाई थीं। शारापोवा ने कहा, “मैं ओलम्पिक में नहीं खेल पाई थी और इसलिए मेरे लिए ओलम्पिक में बाकी खिलाड़ियों को हिस्सा लेते देखना मुश्किल था।”
दुनिया की पूर्व नंबर एक और पांच बार की ग्रैंडस्लैम चैम्पियन मारिया शारापोवा ने कहा कि वह अपने डोपिंग प्रतिबंध के दौरान बुरा महसूस नहीं कर रही थीं बल्कि उन्होंने अपना समय हार्वर्ड में पढ़ाई करने, किताब लिखने और मुक्केबाजी सीखने में बिताया। शारापोवा ने रूस के चैट शो के दौरान कहा कि उन्होंने अपने फिटनेस कार्यक्रम के अंतर्गत मुक्केबाजी सीखने का लुत्फ उठाया। शारापोवा 26 अप्रैल को स्टुटगार्ट क्लेकोर्ट टूर्नामेंट से वापसी करेंगी, तब तक उनका प्रतिबंध पूरा हो जायेगा जो पहले दो साल का था लेकिन उसे 15 महीने का घटा दिया गया था। वह अपने 30वें जन्मदिन के सात दिन बाद वापसी करेंगी।
इस 29 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा, ‘मैंने मुक्केबाजी पर हाथ आजमाये ताकि मैं खुद को अच्छी फिटनेस में रख सकूं। यह शानदार था क्योंकि इससे मैं उन कुछ लोगों के बारे में सोच कर मुक्केबाजी कर सकी, जिन्हें मैं हिट करना चाहती थी।’ शारापोवा पिछले साल 2016 ऑस्ट्रेलियाई ओपन के दौरान हुए परीक्षण में मेलोडोनियम प्रतिबंधित पदार्थ की पॉजीटिव पायी गयी थीं। उन्होंने अपने व्यवसाय को बढ़ाने के लिये हार्वर्ड बिजनेस स्कूल में पढाई की और वह अपने जीवन पर एक किताब लिखने में लगी हैं। उन्होंने कहा, ‘मैंने एक किताब लिखी है जो सितंबर तक आयेगी। पहले यह अंग्रेजी में आयेगी फिर इसका रूसी में अनुवाद होगा।’