(NST News) भोपाल. मध्यप्रदेश की तीन महिला क्रिकेटर्स सुषमा पटेल (दमोह), सुनीता सराठे (नर्मदापुरम) और दुर्गा इवले (बैतूल) का चयन नवंबर 2025 में होने वाले प्रथम महिला दृष्टिबाधित क्रिकेट विश्वकप के लिए हुआ है। तीनों खिलाड़ियों ने अपनी शारीरिक दिव्यांगता के साथ-साथ आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों को मात देकर यह मुकाम हासिल किया है। इनके चयन से प्रदेश में गर्व और उत्साह का माहौल है। क्रिकेट एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड इन इंडिया (CABI) ने 16 सदस्यीय भारतीय महिला टीम की घोषणा की। खास बात यह है कि पाकिस्तान की टीम भारत नहीं आ रही है, इसलिए यह टूर्नामेंट भारत और नेपाल में आयोजित होगा, जबकि पाकिस्तान अपने मैच न्यूट्रल वेन्यू पर खेलेगा।
कप्तान सुषमा पटेल ने जताई खुशी
मध्यप्रदेश की महिला ब्लाइंड क्रिकेट टीम की कप्तान सुषमा पटेल ने कहा कि विश्वकप टीम में चुना जाना उनके लिए गौरव की बात है। उन्होंने बताया कि खिलाड़ी लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। सुषमा ने उम्मीद जताई कि इस बार प्रदेश सरकार भी खिलाड़ियों की मेहनत को पहचानेगी और उन्हें प्रोत्साहन देगी। उन्होंने कहा कि विश्वकप में टीम पूरी ताकत से मैदान पर उतरेगी और देश का नाम ऊंचा करेगी।
एसोसिएशन ने दी शुभकामनाएं
क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. राघवेंद्र शर्मा ने चयनित खिलाड़ियों को बधाई दी और भरोसा दिलाया कि इस बार उनकी उपलब्धियों की गूंज सरकार तक जरूर पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि ये खिलाड़ी न सिर्फ खेल में बल्कि अपने संघर्ष से भी समाज के लिए प्रेरणा हैं। एसोसिएशन ने सभी खिलाड़ियों को मानसिक और रणनीतिक सहयोग देने का वादा किया है।
पिछली सफलता और उम्मीदें
पूर्व भारतीय ब्लाइंड क्रिकेटर और एसोसिएशन के महासचिव सोनू गोलकर ने बताया कि हाल ही में टीम ने राष्ट्रीय चैंपियनशिप जीतकर इतिहास रचा था, लेकिन उस समय प्रदेश सरकार से कोई प्रोत्साहन नहीं मिला। उन्होंने कहा कि इस बार टीम के चयन के साथ उम्मीद ही नहीं, बल्कि पूरा विश्वास है कि सरकार की नजर इन खिलाड़ियों पर जाएगी और उन्हें सम्मान व सहयोग मिलेगा। खिलाड़ियों का मानना है कि अगर सरकार सहयोग करे तो वे और भी बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं और भारत को विश्वकप दिला सकती हैं।

