नई दिल्ली : टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया (TTFI) ने अपने सचिव और पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी कमलेश मेहता को निलंबित कर दिया है, जिससे पहले से अंदरूनी खींचतान का सामना कर रहे फेडरेशन में एक और प्रशासनिक उथल-पुथल पैदा हो गई है। दिसंबर 2022 में एक “समझौते” के तहत चुने जाने के बावजूद, टीटीएफआई अध्यक्ष मेघना अहलावत और सचिव कमलेश मेहता गवर्निंग बॉडी में अलग-अलग धड़ों का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं। मेघना अहलावत हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला की पत्नी हैं।
हाल ही में मेघना अहलावत और कमलेश मेहता एजीएम की तारीख तय करने को लेकर आमने-सामने आ गए थे। यह टकराव बुधवार को हुई एजीएम के साथ अपने चरम पर पहुंचा, जब सचिव को निलंबित करने का फैसला लिया गया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार टीटीएफआई की एजीएम में महाराष्ट्र स्टेट एसोसिएशन का प्रतिनिधित्व करने वाले यतिन टिपनीस को सीनियर जॉइंट सेक्रेटरी के रूप में नामित किया गया है। अब, सचिव का पद निलंबित होने के बाद, वे फेडरेशन के दैनिक प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी संभालेंगे।
टिपनीस ने क्या कहा?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार टिपनीस ने पीटीआई से बातचीत में कहा, “सीनियर जॉइंट सेक्रेटरी का पद पहले से रिक्त था, इसलिए एजीएम के दौरान मुझे इस जिम्मेदारी के लिए नामित किया गया। अब जब सेक्रेटरी को निलंबित कर दिया गया है, तो मुझे टीटीएफआई के दैनिक कामकाज की निगरानी करने का निर्देश मिला है, ताकि खिलाड़ियों पर इसका कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े।”
एजेंडा आधारित राजनीति खेली जा रही है
संपर्क करने पर पूर्व भारतीय इंटरनेशनल और अर्जुन अवॉर्ड विजेता मेहता ने कहा कि उन्हें उनको निलंबित करन के बारे में औपचारिक रूप से कोई जानकारी नहीं दी गई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा, “मैं सस्पेंशन के बारे में सुन रहा हूं। मुझे टीटीएफआई से लिखित में कुछ नहीं मिला है। मैं कल से ऑफिशियल ईमेल एक्सेस नहीं कर पा रहा हूं। एजेंडा वाली राजनीति खेली जा रही है क्योंकि वे (दूसरा गुट) शुरू से ही मुझे सेक्रेटरी के रूप में नहीं चाहते थे।’
दिसंबर 2022 में संपन्न हुए थे चुनाव
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार फरवरी 2022 में दिल्ली हाई कोर्ट ने नेशनल फेडरेशन की “खराब स्थिति” को देखते हुए टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया (TTFI) को निलंबित कर दिया था और उसके दैनिक कामकाज की निगरानी के लिए एक कमेटी ऑफ एडमिनिस्ट्रेटर्स (CoA) गठित की थी। इसके बाद दिसंबर 2022 में नए चुनाव कराए गए, जिनमें मेघना अहलावत और कमलेश मेहता निर्वाचित हुए।

