अटलांटा: अमेरिकी पुरुष फुटबॉल टीम अक्टूबर में दो बड़े मैत्री मैच खेलेगी। ये मैच इक्वाडोर और ऑस्ट्रेलिया जैसी उन टीमों के खिलाफ होंगे, जिन्होंने 2026 में होने वाले फीफा विश्व कप के लिए क्वालीफाई कर लिया है। अमेरिकी फुटबॉल महासंघ ने सोमवार को यह जानकारी दी। यह दोनों मुकाबले अमेरिका की राष्ट्रीय टीम के लिए विश्व कप से पहले अंतिम तैयारी का मौका होंगे।
पहला मुकाबला 10 अक्टूबर को टेक्सास के ऑस्टिन शहर के क्यू2 स्टेडियम में खेला जाएगा। इसमें अमेरिका की टक्कर इक्वाडोर से होगी। मैच का किकऑफ अमेरिका के पूर्वी समय के अनुसार रात 8:30 बजे होगा। यह अमेरिका और इक्वाडोर के बीच अब तक का 16वां मुकाबला होगा। पिछली बार दोनों टीमें 2019 में आमने-सामने हुई थीं, जहां ग्यासी ज़ार्डेस ने अंतिम समय में गोल कर अमेरिका को 1-0 से जीत दिलाई थी।
इक्वाडोर इस समय दक्षिण अमेरिका की मजबूत टीमों में से एक है। कॉनमेबोल वर्ल्ड कप क्वालिफाइंग में यह दूसरे स्थान पर है। ब्राजील से सितंबर 2024 में मिली हार के बाद इक्वाडोर ने शानदार वापसी की है। उसने इसके बाद से कोई मैच नहीं गंवाया है – 4 मैच जीते हैं और 5 ड्रॉ खेले हैं। खास बात ये है कि उसके पिछले तीन मुकाबले (चिली, ब्राज़ील और पेरू के खिलाफ) 0-0 से ड्रॉ रहे हैं, जिससे उसकी रक्षात्मक मजबूती का भी अंदाज़ा लगाया जा सकता है।
दूसरा मैच 14 अक्टूबर को कोलोराडो के कॉमर्स सिटी स्थित डिक्स स्पोर्टिंग गुड्स पार्क में होगा। इसमें अमेरिका की भिड़ंत ऑस्ट्रेलिया (सॉकरूज़) से होगी। यह मैच भी रात 9 बजे (ईस्टर्न टाइम) शुरू होगा। यह अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के बीच अब तक का चौथा आमना-सामना होगा। दोनों आखिरी बार 2010 के फीफा वर्ल्ड कप से पहले दक्षिण अफ्रीका में खेले थे, जिसमें अमेरिका ने 3-1 से जीत दर्ज की थी। उस मैच में अमेरिका के लिए एडसन बडले और हरकुलेज़ गोमेज़ ने गोल किए थे, जबकि ऑस्ट्रेलिया के लिए टिम काहिल ने स्कोर किया था।
ऑस्ट्रेलिया का विश्व कप क्वालीफाइंग सफर शुरू में उतार-चढ़ाव भरा रहा, लेकिन हाल ही में कोच टोनी पोपोविक की नियुक्ति के बाद टीम का प्रदर्शन सुधरा है। पोपोविक के नेतृत्व में सॉकरूज़ ने अब तक 5 जीत और 3 ड्रॉ हासिल किए हैं, जिसमें पिछले महीने सऊदी अरब पर 2-1 की अहम जीत भी शामिल है।
इन दो मुकाबलों को अमेरिकी टीम एक अहम मौके की तरह देख रही है। नए कोच मौरिसियो पोचेतीनो टीम को और मजबूत करने के प्रयास में हैं। गोल्ड कप में उन्होंने ज़्यादातर दूसरी पसंद के खिलाड़ियों को उतारा था और फाइनल तक का सफर तय किया, हालांकि वहां उन्हें मेक्सिको से 2-1 से हार मिली।
अब पोचेतीनो का मकसद टीम के उभरते सितारों जैसे डिएगो लूना और मलिक टिलमैन को अनुभव से भरपूर खिलाड़ियों जैसे क्रिश्चियन पुलिसिक, वेस्टन मैकेनी, एंटोनी रॉबिन्सन और टिम वीह के साथ मैदान पर उतारना है। ये मैच वर्ल्ड कप से पहले इन खिलाड़ियों को एकसाथ खेलने का बेहतरीन अवसर देंगे।
इन मुकाबलों के नतीजे से भले ही वर्ल्ड कप पर असर न पड़े, लेकिन यह तय है कि इससे अमेरिका की टीम की तैयारियों को मजबूती मिलेगी और संयोजन को अंतिम रूप देने में मदद मिलेगी।

