नई दिल्ली : सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के रोमांचक मुकाबलों के बीच आखिरकार बिहार की टीम ने 6 मैचों के लंबे इंतज़ार के बाद अपने आखिरी लीग मैच में पहली जीत दर्ज कर ली। इस मुकाबले में टीम को अपने नियमित ओपनर वैभव सूर्यवंशी की सेवाएँ नहीं मिलीं। वैभव पूरे टूर्नामेंट में एक शतक को छोड़कर बड़ा प्रभाव नहीं छोड़ पाए थे और बाकी मैचों में उनका प्रदर्शन औसत ही रहा। उनकी गैरमौजूदगी के बावजूद बिहार ने टीम प्रदर्शन और मजबूत बल्लेबाजी के दम पर यह मैच अपने नाम किया।
बिहार ने अपना आखिरी लीग में इस टूर्नामेंट में उत्तर प्रदेश के खिलाफ खेला और इस मुकाबले में यूपी ने पहले बैटिंग की और 20 ओवर में 6 विकेट पर 124 रन ही बना पाई। बिहार को जीत के लिए 125 रन का ज्यादा मुश्किल टारगेट नहीं मिला था और इस टीम ने 19.2 ओवर में 4 विकेट पर 145 रन बनाकर मैच जीत लिया। बेशक बिहार को इस मैच में जीत मिली, लेकिन ये टीम अगले दौर से पहले ही बाहर हो चुकी है।
पीयूष सिंह ने खेली अर्धशतकीय पारी
बिहार के लिए वैभव सूर्यवंशी के टीम में नहीं होने की वजह से पारी की शुरुआत आयुष लोहारुका और पीयूष सिंह ने की। पहले विकेट के लिए दोनों ओपनरों ने 72 गेंदों पर 83 रन की मजबूत साझेदारी की, जिसने टीम को बेहतरीन शुरुआत दिलाई। आयुष ने 36 गेंदों पर 36 रन बनाए, जबकि पीयूष सिंह ने 54 गेंदों पर 57 रन की महत्वपूर्ण पारी खेलते हुए जीत की नींव रखी। मध्यक्रम में सचिन और कप्तान शकिबुल क्रमशः 8 और 5 रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन अंत में विपिन सौरव ने 16 गेंदों पर नाबाद 26 रन की तेज पारी खेलकर बिहार को पहली जीत दिला दी।
नहीं चला रिंकू सिंह का बल्ला
बिहार के खिलाफ उत्तर प्रदेश की बल्लेबाज़ी बेहद निराशाजनक रही। टीम ने शुरुआत से संघर्ष किया और केवल 94 रन तक पहुंचते-पहुंचते अपने 6 विकेट गंवा दिए। हालांकि इसके बाद प्रशांतवीर ने नाबाद 40 रन की जिम्मेदाराना पारी खेली, जबकि शिवम मावी ने भी नाबाद 13 रन जोड़कर स्कोर को सम्मानजनक 144 रन तक पहुंचाया। स्टार बल्लेबाज़ रिंकू सिंह इस मैच में फ्लॉप रहे और 25 गेंदों पर सिर्फ 19 रन ही बना सके। समीर रिज़वी ने 22 रन का योगदान दिया, जबकि कप्तान आर्यन जुयाल सिर्फ 13 रन ही जोड़ पाए। प्रिंस यादव भी 10 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। बिहार की तरफ से गेंदबाज़ी में मंगल महरौर सबसे प्रभावी साबित हुए, जिन्होंने 3 महत्वपूर्ण विकेट झटके और यूपी की बल्लेबाज़ी को झकझोर दिया।

