नई दिल्ली: भारतीय अंडर-19 टीम और आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के लिए शानदार प्रदर्शन कर चुके 14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी का रणजी ट्रॉफी 2025 में आगाज तो धमाकेदार अंदाज़ में हुआ, लेकिन उनकी पारी ज्यादा लंबी नहीं चल सकी। उन्हें बिहार टीम का उपकप्तान नियुक्त किया गया है, जिससे उनके प्रदर्शन को लेकर उम्मीदें और भी बढ़ गई थीं। पहले मुकाबले में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ उन्होंने 280 के स्ट्राइक रेट से आक्रामक शुरुआत की, लेकिन हाल ही में ऑस्ट्रेलिया में लगाए गए शतक जैसी चमकदार झलक इस पारी में देखने को नहीं मिली।
अरुणाचल प्रदेश की टीम को 105 रन पर ढेर करने के बाद जब बिहार की टीम बैटिंग करने उतरी तो वैभव ने अपने चिर-परिचित अंदाज में शुरुआत की। उन्होंने पहली चार गेंदों पर ही 14 रन बना दिए थे जिसमें 2 चौके और एक छक्का शामिल था। उन्होंने यब निया के पहले ओवर को महंगा बना ही दिया था कि पांचवीं गेंद पर वैभव सूर्यवंशी क्लीन बोल्ड हो गए। इसी के साथ 5 गेंद पर उनकी 14 रन की पारी का अंत हो गया। उन्होंने 280 के स्ट्राइक रेट से शुरुआत की, मगर पारी को आगे नहीं ले जा सके।
ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड में किया था कमाल, बिखेरी थी चमक
वैभव सूर्यवंशी की बात करें तो आईपीएल 2025 में राजस्थान रॉयल्स के लिए डेब्यू करने के बाद उन्होंने एक मैच में ताबड़तोड़ शतकीय पारी खेली थी। उन्होंने 7 मैचों में एक शतक और एक अर्धशतक के साथ 252 रन बनाकर विश्व क्रिकेट में अपने आगाज का धमाकेदार ऐलान किया था। इसके बाद इंग्लैंड के दौरे पर इंडिया अंडर 19 के लिए भी वैभव ने कमाल की बल्लेबाजी की थी।
उन्होंने यूथ वनडे में 143 रन की पारी खेली थी। उन्होंने तीन वनडे पारियों में 262 रन बनाए थे। पहले दिन की समाप्ति पर बिहार ने 2 विकेट खोकर 283 रन बना लिए थे। आयुष लोहारुका 155 रन बनाकर नाबाद थे। वहीं कप्तान सकिबल गनी 56 रन बनाकर खेल रहे थे। फिर भारतीय अंडर 19 टीम के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर उन्होंने तीन वनडे में 124 रन रन बनाए थे जिसमें 70 रन की एक पारी शामिल थे।
इसके बाद यूथ टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वैभव सूर्यवंशी ने 113 रनों की शानदार शतकीय पारी खेली, जिससे उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। हालांकि रणजी ट्रॉफी में अब तक उनका वही असरदार प्रदर्शन देखने को नहीं मिला है, जिसका फैंस को इंतजार है। लेकिन यह तो शुरुआत भर है — महज 14 साल की उम्र में उन्होंने जिस स्तर का खेल दिखाया है, वह भविष्य की बड़ी संभावनाओं की ओर इशारा करता है। आने वाले वर्षों में उनके पास खुद को साबित करने के कई अवसर होंगे, और उम्मीद की जा सकती है कि वह भारतीय क्रिकेट को कई अहम उपलब्धियां दिलाएंगे।

