नई दिल्ली : भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज और पूर्व चयनकर्ता दिलीप वेंगसरकर ने टीम इंडिया के मैनेजमेंट पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सरफराज खान को लगातार नजरअंदाज किए जाने पर मैनेजमेंट की आलोचना की। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार वेंगसरकर का कहना है कि सरफराज तीनों फॉर्मेट में खेलने के योग्य हैं, लेकिन उन्हें हर बार टीम से बाहर रखना शर्म की बात है।
सरफराज खान मौजूदा विजय हजारे ट्रॉफी में शानदार फॉर्म में नजर आ रहे हैं। पिछले मैच में उन्होंने गोवा के खिलाफ 75 गेंदों में 157 रन की शानदार पारी खेली थी। इसके अलावा, उन्होंने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 में भी बेहतरीन प्रदर्शन किया था। व्हाइट-बॉल क्रिकेट में पिछली 9 पारियों में सरफराज ने चार अर्धशतक और एक शतक लगाया है। इससे पहले रविचंद्रन अश्विन ने सरफराज को लेकर कहा था कि वह टीम इंडिया का दरवाजा खटखटा नहीं रहे, बल्कि उसे तोड़ रहे हैं।
पूर्व क्रिकेटर वेंगसरकर ने खटखटाया बड़ा मुद्दा
अब दिलीप वेंगसरकर ने सरफराज खान को लेकर अपनी राय जाहिर की है और कहा कि वह तीनों फॉर्मेट में खेलने के योग्य हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार वेंगसरकर ने टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा, “यह मेरे लिए बेहद हैरानी की बात है कि वह किसी भी फॉर्मेट के लिए भारतीय टीम में चयनित नहीं हो रहे हैं, जबकि उन्होंने लगातार घरेलू क्रिकेट और भारतीय टीम के लिए शानदार प्रदर्शन किया है। मैंने धर्मशाला में उनकी बल्लेबाजी देखी थी, और उसके बाद भारत ने मैच जीत भी हासिल किया था।”
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार वेंगसरकर ने आगे कहा, “इंग्लैंड के खिलाफ उस घरेलू सीरीज के बाद उन्हें टेस्ट टीम से बाहर कर दिया गया। वह बॉर्डर–गावस्कर ट्रॉफी 2024-25 के स्क्वाड में शामिल थे, लेकिन उन्हें मौका नहीं मिला। यही मुझे हैरान करता है कि जो खिलाड़ी हर फॉर्मेट में खेलने के योग्य है, ऐसे टैलेंट को लगातार नजरअंदाज करना सही नहीं है। यह वास्तव में शर्म की बात है।”
चयन पर उठे सवाल: सरफराज खान की अनदेखी क्यों?
सरफराज खान ने फरवरी 2024 में भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया था। इसके बाद उन्होंने 6 मैचों की 11 पारियों में 37 से अधिक की औसत से 371 रन बनाए, जिसमें एक शतक और तीन अर्धशतक शामिल हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 150 रन रहा है। इसके बावजूद इंग्लैंड दौरे से पहले उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया। यह माना गया कि वह विदेशी परिस्थितियों में खेलने के लिए उपयुक्त नहीं हैं, जबकि इंग्लैंड दौरे से ठीक पहले उन्होंने इंग्लैंड लायंस के खिलाफ भी रन बनाकर अपनी फॉर्म का सबूत दिया था।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सरफराज खान ने इंग्लैंड लायंस के खिलाफ मैच से ठीक पहले 92 रन की अहम पारी खेली थी। इसके बाद टीम इंडिया के इंट्रा-स्क्वाड मुकाबले में भी उन्होंने नाबाद 102 रन बनाकर अपनी दावेदारी मजबूत की थी, जहां उन्होंने जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज और आकाशदीप जैसे गेंदबाजों के खिलाफ बेहतरीन बल्लेबाजी की। इसके बावजूद चयनकर्ताओं ने उन पर करुण नायर और साई सुदर्शन को तरजीह दी। हालांकि, दोनों खिलाड़ी पूरे इंग्लैंड दौरे पर लगभग फ्लॉप साबित हुए, जिससे चयन प्रक्रिया पर सवाल और गहरे हो गए।

