जयपुर: बीसीसीआई द्वारा आयोजित सीनियर मेंस विजय हजारे ट्रॉफी 2025 का शुभारंभ 24 दिसंबर 2025 से हुआ। टूर्नामेंट के अपने सातवें और अंतिम लीग मुकाबले में छत्तीसगढ़ टीम ने 8 जनवरी 2026 को जयपुर में उत्तराखंड सीनियर टीम का सामना किया। यह मुकाबला रोमांच, संघर्ष और शानदार व्यक्तिगत प्रदर्शन से भरपूर रहा।
उत्तराखंड ने टॉस जीतकर पहले क्षेत्ररक्षण करने का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए छत्तीसगढ़ की टीम ने निर्धारित 50 ओवरों में 10 विकेट खोकर 265 रन बनाए। कप्तान अमनदीप खरे ने एक बार फिर अपनी नेतृत्व क्षमता और बल्लेबाजी का लोहा मनवाते हुए 62 रनों की शानदार पारी खेली। उनके साथ विकल्प तिवारी (35 रन) और श्रमिक यादव (29 रन) ने अहम योगदान दिया। उत्तराखंड की ओर से गेंदबाजी में देवेंद्र सिंह ने प्रभावी प्रदर्शन करते हुए 3 विकेट अपने नाम किए।
266 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी उत्तराखंड की टीम ने अंत तक कड़ा संघर्ष किया, लेकिन जीत की दहलीज पार नहीं कर सकी। उत्तराखंड ने 50 ओवरों में 8 विकेट के नुकसान पर 258 रन बनाए। बल्लेबाजी में कुणाल चंदेला (67 रन), आकाश सुधीर (62 रन) और सुयश (52 रन) ने उम्दा पारियां खेलीं, मगर टीम को जीत नहीं दिला पाए।

छत्तीसगढ़ की गेंदबाजी में देव आदित्य सिंह ने मैच का रुख पलटते हुए 4 विकेट झटके, जबकि अजय मंडल ने 2 विकेट लेकर दबाव बनाए रखा। अंततः छत्तीसगढ़ ने यह रोमांचक मुकाबला 7 रनों से जीतकर टूर्नामेंट में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।
टूर्नामेंट के अंतिम चरण में छत्तीसगढ़ का प्रदर्शन सराहनीय रहा। यह टीम की चौथी जीत थी और लगातार तीसरी जीत भी। हालांकि, 16 अंकों के साथ पॉइंट्स टेबल में चौथे स्थान पर रहने के कारण छत्तीसगढ़ टीम नॉकआउट राउंड के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकी।
व्यक्तिगत उपलब्धियों की बात करें तो पूरे टूर्नामेंट में छत्तीसगढ़ के कप्तान अमनदीप खरे ने शानदार निरंतरता दिखाते हुए सबसे ज्यादा 432 रन बनाए और टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज के रूप में उभरे।
नॉकआउट में जगह भले ही न बन पाई हो, लेकिन छत्तीसगढ़ टीम ने अपने जुझारू खेल, नेतृत्व और युवा खिलाड़ियों के दम पर यह साबित कर दिया कि भविष्य में यह टीम बड़े मंच पर और भी मजबूत दावेदारी पेश करेगी।

