मंत्री सारंग ने किया राजा भोज मल्टी क्लास सेलिंग चैंपियनशिप का शुभारंभ
(NST News) भोपाल. खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने मंगलवार को भोपाल के बड़े तालाब (खानूगांव) पर राजा भोज मल्टी क्लास सेलिंग चैम्पियनशिप 2025 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भोपाल सिर्फ तालाबों का शहर ही नहीं है, बल्कि अब वाटर स्पोर्ट्स का वैश्विक केंद्र भी बन रहा है। मध्य प्रदेश इस क्षेत्र में पहले से ही देश का नेतृत्व कर रहा है, जिसका प्रमाण श्रीनगर में हुए पहले खेलो इंडिया वाटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल में राज्य के खिलाड़ियों की सफलता है।
ओलंपिक 2036 पर नजर

मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी की तैयारी कर रहा है। अगर आयोजन का मौका मिला तो मध्य प्रदेश शूटिंग, अश्व खेल और खासतौर पर वाटर स्पोर्ट्स के लिए विश्वस्तरीय स्थल उपलब्ध कराने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि भोपाल का बड़ा तालाब और नर्मदा तट अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए आदर्श स्थल हैं।
सेना और खेल विभाग मिलकर करेंगे विकास
सारंग ने बड़े तालाब पर वाटर स्पोर्ट्स के लिए सेना द्वारा विकसित सुविधाओं की सराहना की और कहा कि इसमें और सुधार खेल एवं युवा कल्याण विभाग, यॉटिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया (YAI) और सेना के संयुक्त प्रयासों से किए जाएंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि इन प्रयासों से भोपाल देश में वाटर स्पोर्ट्स का प्रमुख केंद्र बनेगा।
युवाओं के लिए बड़ा मंच
मंत्री ने कहा कि खेल युवाओं के शारीरिक विकास, अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को बढ़ाने का माध्यम है। इस तरह की प्रतियोगिताएं खिलाड़ियों को निखारने और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करने का मजबूत मंच प्रदान करती हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं भी दीं।
प्रतियोगिता में कई शहरों के खिलाड़ी
यह चैम्पियनशिप यॉटिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया की रैंकिंग प्रतियोगिता है, जो 21 सितंबर तक चलेगी। इसमें भोपाल, शिलॉन्ग, चेन्नई, सिकंदराबाद, कोचीन और मुंबई सहित 13 शहरों के खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता में ऑप्टिमिस्ट (अंडर-16), टेक्नो (अंडर-15), आईएलसीए4 (अंडर-18), आईक्यू फॉयल (अंडर-19), 420 मिक्स्ड (अंडर-19) और 29ईआर (अंडर-19) जैसी श्रेणियों में मुकाबले होंगे। इस अवसर पर जीओसी पीएम सब एरिया मेजर जनरल सुमित कब्थियाल, ब्रिगेडियर अनिल दास, वाईएआई उपाध्यक्ष मेजर जनरल सोमा पिल्लई (सेवानिवृत्त) और ब्रिगेडियर जी.एस. जुल्का (सेवानिवृत्त) विशेष रूप से मौजूद रहे।

