नई दिल्ली: अगले महीने टोक्यो में होने वाली विश्व चैंपियनशिप में भारत की सबसे मजबूत चुनौती भाला फेंक में देखने को मिलेगी। इसमें नीरज चोपड़ा की अगुवाई में चार पुरुष एथलीट उतरेंगे। यह उपलब्धि इस बात का प्रतीक है कि नीरज के ऐतिहासिक प्रदर्शन ने देश में भाला फेंक को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। 13 से 21 सितंबर तक होने वाली इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के लिए भारत ने 19 सदस्यीय टीम घोषित की है, जिसमें चोपड़ा के साथ सचिन यादव, यशवीर सिंह और रोहित यादव भी अपनी दावेदारी पेश करेंगे।
टोक्यो में होने वाली विश्व चैंपियनशिप के लिए रोहित यादव की एंट्री भी बेहद दिलचस्प रही। शुरुआती 36 खिलाड़ियों के मुख्य समूह में जगह न बना पाने के बावजूद उन्हें विश्व एथलेटिक्स से आमंत्रण मिला, क्योंकि रैंकिंग में उनसे ऊपर के कई खिलाड़ियों ने अपना नाम वापस ले लिया। पिछली बार भी चार भारतीय भाला फेंक एथलीट क्वालिफाई करने में सफल हुए थे, लेकिन रोहित चोट की वजह से भाग नहीं ले पाए थे। वहीं, नीरज चोपड़ा ने 2023 में बुडापेस्ट में आयोजित विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा था, जबकि किशोर जेना और डीपी मनु ने क्रमशः पांचवें और छठे स्थान पर रहकर भारत की ताकत का परिचय दिया था।
देश के इतिहास में यह एक अभूतपूर्व पल होगा जब पहली बार चार भारतीय खिलाड़ी किसी एक स्पर्धा में विश्व चैंपियनशिप में उतरेंगे। मौजूदा चैंपियन होने के कारण 27 वर्षीय नीरज चोपड़ा ने वाइल्ड कार्ड के जरिए इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में क्वालीफाई किया है। इसी वजह से उनके अलावा तीन और भारतीय खिलाड़ियों के लिए भी रास्ता खुल गया। सामान्यतः किसी देश से अधिकतम तीन प्रतिभागियों को ही प्रवेश मिलता है, लेकिन वाइल्ड कार्ड की वजह से यह संख्या चार तक पहुँच सकती है, और इस बार भारत को यह ऐतिहासिक अवसर मिला है।
नीरज चोपड़ा ने न केवल वाइल्ड कार्ड से जगह बनाई, बल्कि 85.50 मीटर का क्वालिफाइंग स्तर भी पार कर अपनी दमदार तैयारी का सबूत दिया। वहीं अन्य तीन भारतीय खिलाड़ियों ने विश्व रैंकिंग के जरिए कट हासिल किया। भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) के अध्यक्ष आदिल सुमारिवाला ने वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हमें गर्व है कि हमारे चार पुरुष भाला फेंक खिलाड़ियों ने क्वालीफाई किया है। हमें विश्वास है कि इस बार भी सभी खिलाड़ी फाइनल में पहुंचेंगे। पिछली बार भी चार भारतीय क्वालिफाई हुए थे, लेकिन रोहित यादव चोट के कारण हिस्सा नहीं ले पाए थे। फिर भी बाकी सभी खिलाड़ी फाइनल में शीर्ष छह में जगह बनाने में सफल रहे थे।”
एएफआई की सीनियर चयन समिति की बैठक के बाद घोषित भारतीय टीम में कुल 19 खिलाड़ी शामिल किए गए, जिनमें पांच महिला एथलीट भी होंगी। पुरुषों में रोहित यादव के साथ 110 मीटर बाधा दौड़ के धावक तेजस शिरसे और 35 किमी पैदल चाल के संदीप कुमार को अंतिम समय में टीम में जगह मिली। इन्हें विश्व एथलेटिक्स से आमंत्रण इसलिए मिला क्योंकि उच्च रैंक वाले कुछ खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता से नाम वापस ले लिया। नियमों के मुताबिक, कोई भी एथलीट निर्धारित क्वालिफिकेशन स्तर पार कर सीधे विश्व चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई कर सकता है, जबकि शेष स्थान विश्व रैंकिंग कोटा के आधार पर भरे जाते हैं ताकि प्रत्येक स्पर्धा में पूर्व-निर्धारित प्रतिभागियों की संख्या पूरी हो सके।
इसके बाद सदस्य देशों ने वैश्विक संस्था को अपने एथलीटों के नाम वापस लेने की सूचना दी और इस प्रकार खाली हुए स्थानों को विश्व रैंकिंग में अगले स्थान पर रहने वाले एथलीटों द्वारा भर दिया गया। भारत ने 2023 में हंगरी में हुए पिछले टूर्नामेंट में 28 एथलीट भेजे थे जिनमें सात रिले धावक शामिल थे। इस बार देश किसी भी रिले स्पर्धा के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाया। चोपड़ा ने 2023 में बुडापेस्ट में स्वर्ण पदक जीता था और इस बार भी उनके अलावा किसी अन्य भारतीय के पास पदक जीतने का कोई वास्तविक मौका नहीं है। पुरुषों की 20 किमी पैदल चाल के एथलीट अक्षदीप सिंह का नाम विश्व रैंकिंग के माध्यम से क्वालीफाई करने के बावजूद शामिल नहीं है क्योंकि वह चिकित्सकीय रूप से फिट नहीं हैं। एशियाई चैंपियन होने के कारण कट हासिल करने वाली हेप्टाथलीट नंदिनी अगासरा भी कोहनी की चोट से पूरी तरह उबर नहीं पाई हैं जैसा कि पीटीआई ने पहले बताया था।
तीन हजार मीटर स्टीपलचेज़ के दिग्गज धावक अविनाश साबले ने क्वालिफिकेशन मानक पार कर लिया था, लेकिन जुलाई में हुई एसीएल सर्जरी के चलते वह इस बार विश्व चैंपियनशिप में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। एएफआई के प्रवक्ता आदिल सुमारिवाला ने बताया कि साबले के अलावा अक्षदीप और नंदिनी को भी चिकित्सकीय कारणों से टीम से बाहर रखा गया है। वहीं, पुरुषों की 5000 मीटर दौड़ में क्वालिफाई करने वाले गुलवीर सिंह को आमंत्रण के आधार पर 10,000 मीटर स्पर्धा में भी जगह दी गई है। इसी तरह, पूजा दूसरी भारतीय एथलीट हैं जिन्हें दो इवेंट में भाग लेने का मौका मिला है। वह पहले ही विश्व रैंकिंग के जरिए महिलाओं की 1500 मीटर दौड़ में क्वालिफाई कर चुकी थीं और अब उन्हें 800 मीटर दौड़ के लिए भी आमंत्रण प्राप्त हुआ है।
भारतीय टीम
पुरुष: नीरज चोपड़ा, सचिन यादव, यशवीर सिंह और रोहित यादव (पुरुष भाला फेंक), मुरली श्रीशंकर (पुरुष लंबी कूद), गुलवीर सिंह (पुरुष 5,000 मीटर और 10,000 मीटर), प्रवीण चित्रावेल और अब्दुल्ला अबुबाकर (पुरुष त्रिकूद), सर्वेश अनिल कुशारे (पुरुष ऊंची कूद), अनिमेष कुजूर (पुरुष 200 मीटर), तेजस शिरसे (पुरुष 110 मीटर बाधा दौड़), सर्विन सबेस्टियन (पुरुष 20 किमी पैदल चाल), राम बाबू और संदीप कुमार (पुरुष 35 किमी पैदल चाल)।
महिलाएं: पारुल चौधरी और अंकिता ध्यानी (महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज), अन्नू रानी (महिलाओं की भाला फेंक), प्रियंका गोस्वामी (महिलाओं की 35 किमी पैदल चाल), पूजा (महिलाओं की 800 मीटर और 1500 मीटर)।

