नई दिल्ली : अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में शुक्रवार (6 फरवरी) को हरारे में टूर्नामेंट की दो सर्वश्रेष्ठ टीमें आमने-सामने होंगी। इंग्लैंड और भारत दोनों ही टीमें पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही हैं, लेकिन फाइनल का दबाव बिल्कुल अलग होगा। जहां इंग्लैंड 28 साल के खिताबी सूखे को खत्म करने उतरेगा, वहीं भारतीय टीम छठी बार अंडर-19 वर्ल्ड कप का खिताब जीतने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगी। ऐसे में जो टीम उम्मीदों और भावनाओं पर नियंत्रण रखते हुए परिस्थितियों के अनुसार बेहतर खेल दिखाएगी, वही अंत में चैंपियन बनेगी।
इंग्लैंड की टीम 1998 में अंडर-19 वर्ल्ड कप का खिताब जीती थी। यह इस टूर्नामेंट का दूसरा संस्करण था। 1988 में हुए पहले संस्करण के 10 साल बाद इस टूर्नामेंट का आयोजन हुआ था। साउथ अफ्रीका में ओवैस शाह की कप्तानी में इंग्लैंड चैंपियन बना। इसके बाद से इंग्लैंड को अंडर-19 वर्ल्ड कप खिताब की तलाश है। 2022 में वह करीब पहुंच थी, लेकिन भारत राह में रोड़ा बन गया था। यश ढुल की कप्तानी में भारतीय टीम चैंपियन बनी थी। इंग्लैंड की टीम चाहेगी कि 2022 रिपीट न हो।
पिछली हार से सबक: 2024 में उप-विजेता रहा भारत
भारतीय टीम अंडर-19 वर्ल्ड कप की सबसे सफल टीम मानी जाती है। वर्ष 2000 के बाद से भारत ने खेले गए 14 में से 11 फाइनल मुकाबलों में जगह बनाई है और अब तक पांच बार खिताब अपने नाम किया है। मोहम्मद कैफ, विराट कोहली, उन्मुक्त चंद, पृथ्वी शॉ और यश ढुल की कप्तानी में भारतीय टीम चैंपियन बनी है। हालांकि 2024 के अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में भारत को हार का सामना करना पड़ा था, जहां उदय सहारन की कप्तानी वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम ने उसे शिकस्त दी थी।
अंडर-19 वर्ल्ड कप से पहले चमक चुके हैं भारतीय टीम के सितारे
वर्तमान भारतीय अंडर-19 वर्ल्ड कप टीम में कई ऐसे खिलाड़ी शामिल हैं, जिन्हें भारतीय क्रिकेट के भविष्य के रूप में देखा जा रहा है। 14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी और आयुष म्हात्रे पहले ही सीनियर स्तर पर खेल चुके हैं और अपने प्रदर्शन से खासा प्रभाव छोड़ चुके हैं। एक समय था जब अंडर-19 वर्ल्ड कप खेलने के बाद खिलाड़ियों को आईपीएल कॉन्ट्रैक्ट मिलता था और विराट कोहली जैसे खिलाड़ियों को इसी टूर्नामेंट से पहचान मिली, लेकिन वैभव और आयुष जैसे खिलाड़ी पहले ही अपनी पहचान बना चुके हैं। ये दोनों आईपीएल खेलकर अंडर-19 वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने पहुंचे हैं। इसके अलावा इस टूर्नामेंट से एरोन जॉर्ज और आभिज्ञान कुंडू जैसे खिलाड़ियों का भी शानदार उदय हुआ है, जिन्होंने अपने प्रदर्शन से सबका ध्यान खींचा है।

