नई दिल्ली : भारतीय टीम ने 2011 वनडे विश्व कप में श्रीलंका को हराकर 28 साल बाद खिताब अपने नाम किया था। उस ऐतिहासिक जीत के समय टीम इंडिया के मुख्य कोच गैरी कर्स्टन थे, जिनकी कोचिंग में टीम ने नई ऊँचाइयों को छुआ। अब कर्स्टन ने एक बड़ा कदम उठाते हुए नामीबिया की राष्ट्रीय पुरुष टीम के साथ जुड़ने का फैसला किया है। उन्हें टीम का सलाहकार नियुक्त किया गया है, जहाँ वे अगले साल होने वाले टी20 विश्व कप की तैयारियों में मुख्य कोच क्रेग विलियम्स के साथ मिलकर काम करेंगे। उनकी मौजूदगी नामीबिया क्रिकेट के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन मानी जा रही है।
गैरी कर्स्टन ने कहा कि क्रिकेट नामीबिया के साथ काम करना वास्तव में सौभाग्य की बात है। उनका नया अत्याधुनिक क्रिकेट स्टेडियम इस बात का प्रमाण है कि वे यह सुनिश्चित करने के लिए तैयार हैं कि उनकी नेशनल टीमें विश्व के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट देशों के साथ प्रतिस्पर्धा करें। नामीबिया की सीनियर टीम अच्छा प्रदर्शन कर रही है और मैं अगले साल फरवरी में होने वाले टी20 विश्व कप के लिए उनकी तैयारी में योगदान देने के लिए उत्सुक हूं।
दक्षिण अफ्रीका के पूर्व सलामी बल्लेबाज़ गैरी कर्स्टन ने 2004 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद कोचिंग करियर की शुरुआत की। वर्ष 2007 में उन्हें भारतीय क्रिकेट टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया गया, जहाँ उनके मार्गदर्शन में टीम इंडिया ने 2011 का वनडे विश्व कप जीतकर इतिहास रचा। इसके बाद कर्स्टन ने दक्षिण अफ्रीका की राष्ट्रीय टीम की कोचिंग संभाली और दुनिया भर की कई टी20 फ्रैंचाइज़ी लीग टीमों के साथ भी अपने अनुभव का योगदान दिया। वर्ष 2024 में उन्होंने पाकिस्तान की पुरुष टीम के मुख्य कोच के रूप में भी कार्य किया, जिससे उनका वैश्विक कोचिंग अनुभव और मजबूत हुआ।
गैरी कर्स्टन ने वर्ष 1993 में दक्षिण अफ्रीका की टीम के लिए टेस्ट क्रिकेट में debut किया था। इसके बाद उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में कुल 101 टेस्ट मैच खेले, जिनमें 7289 रन बनाए। उनके नाम 21 शतक और 34 अर्धशतक दर्ज हैं, जो उनकी बल्लेबाज़ी क्षमता का मजबूत प्रमाण हैं। वनडे क्रिकेट में भी कर्स्टन का प्रदर्शन शानदार रहा, जहाँ उन्होंने 6798 रन बनाए और 13 शतक अपने नाम किए। उन्होंने अपना अंतिम अंतरराष्ट्रीय मैच वर्ष 2004 में खेला, जिसके बाद उन्होंने कोचिंग की दुनिया में कदम रखा और वहाँ भी बेहतरीन सफलता हासिल की।

