नई दिल्ली: अनुभवी प्रशासक और अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) के पूर्व महासचिव कुशल दास का शुक्रवार, 13 मार्च को निधन हो गया। वह 65 वर्ष के थे। दास ने भारत में 2017 फीफा अंडर-17 विश्व कप के आयोजन में अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने 2022 में स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा देने से पहले 12 वर्षों तक AIFF के महासचिव पद पर कार्य किया और भारतीय फुटबॉल प्रशासन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
फुटबॉल प्रशासन से 2010 में जुड़ने से पहले दास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) और अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन समूह (आईएमजी) इंडिया में मुख्य वित्तीय अधिकारी के रूप में कार्यरत थे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने दिल्ली के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। यह जानकारी शाजी प्रभाकरन ने दी। प्रभाकरन भी अनुभवी फुटबॉल प्रशासक हैं, जिन्होंने आई-लीग के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनंदो धर के कुछ समय तक कार्यवाहक महासचिव के रूप में कार्य करने के बाद 2022 में एआईएफएफ के पूर्णकालिक महासचिव के रूप में दास का स्थान लिया था।
शाजी प्रभाकरन ने अपडेट दी
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार प्रभाकरन ने एक्स पर लिखा, ‘एआईएफएफ के पूर्व महासचिव कुशल दास का आज सुबह दिल्ली के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। इस बेहद कठिन समय में उनके परिवार और प्रियजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं। ओम शांति।’ कुशल दास के कार्यकाल में भारतीय राष्ट्रीय टीम ने तीन एएफसी एशियाई कप टूर्नामेंटों के लिए क्वालीफाई किया।
कुशल दास का योगदान
देश ने 2017 में पहली बार प्रतिष्ठित फीफा अंडर-17 विश्व कप की मेजबानी की। कुशल दास ने विश्व कप की मेजबानी को उस समय भारतीय फुटबॉल के लिए ‘बहुत बड़ा’ मौका करार दिया था। इस आयोजन ने इतिहास में सबसे अधिक दर्शकों वाले फीफा युवा विश्व कप का रिकॉर्ड बनाया। उनके प्रयासों से भारत को 2022 एएफसी महिला एशियाई कप और 2022 फीफा अंडर-17 महिला विश्व कप की मेजबानी हासिल हुई थी।
‘गोल्डन बेबी लीग’ शुरू कराई
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार दास ने फुटबॉल स्पोर्ट्स डेवलपमेंट लिमिटेड (एफएसडीएल) को एआईएफएफ का विपणन भागीदार बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। दास ने 2010 में फुटबॉल स्पोर्ट्स डेवलपमेंट लिमिटेड (एफएसडीएल) को एआईएफएफ के विपणन भागीदार (मार्केटिंग पार्टनर) के रूप में लाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसके परिणामस्वरूप इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) की शुरुआत हुई। उन्होंने कहा था कि पिछले प्रसारक के अलग होने के बाद इस साझेदारी ने एआईएफएफ को वित्तीय संकट से बचाया। उनके मार्गदर्शन में एआईएफएफ ने ‘गोल्डन बेबी लीग’ और एक संरचित युवा विकास प्रणाली शुरू की, जिसमें आयु-समूह लीग शामिल थीं।
सेंट स्टीफंस कॉलेज, दिल्ली के पूर्व छात्र
इस योजना ने क्लबों और अकादमियों को दीर्घकालिक खिलाड़ी विकास पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया। एआईएफएफ में कुशल दास का कार्यकाल प्रफुल पटेल के अध्यक्ष रहते हुए बीता। पटेल के नेतृत्व वाली संचालन समिति को समय पर चुनाव न कराने के कारण उच्चतम न्यायालय द्वारा पद से हटाए जाने के बाद दास ने भारतीय फुटबॉल का संचालन कर रही प्रशासक समिति को अपना इस्तीफा भेज दिया। दास को 2013 में एआईएफएफ के महासचिव के रूप में तीन साल के दूसरे कार्यकाल के लिए पुनः नियुक्त किया गया था। उन्होंने दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज से गणित में बीएससी की डिग्री हासिल की थी।
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार

