नई दिल्ली : टी20 वर्ल्ड कप 2026 से ठीक पहले भारत और न्यूजीलैंड के बीच 5 मैचों की टी20 सीरीज का आयोजन किया जा रहा है। यह सीरीज टी20 वर्ल्ड कप 2026 की तैयारी के लिहाज से भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि टीम इंडिया इस मुकाबलों के जरिए अपनी रणनीतियों और प्रदर्शन को अंतिम रूप देने में लगी हुई है। हालांकि टी20 वर्ल्ड कप 2026 से ठीक पहले कुछ खिलाड़ियों का जो वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा हैं उनका चोटिल होना भारत के लिए अच्छा नहीं है, लेकिन ये खेल का हिस्सा है और इस तरह की स्थिति के लिए भी तैयार रहने की जरूरत है। अब भारत और न्यूजीलैंड के बीच जो टी20आई सीरीज खेली जा रही है उसे जीतने वाली टीम को ट्रॉफी दी जाएगी और ये एक परंपरा रही है जो काफी पुरानी है।
रीसायकल किए गए बैट और बॉल से बनी T20I सीरीज की ट्रॉफी
आमतौर पर किसी सीरीज या टूर्नामेंट की ट्रॉफी बनाने के लिए सोना, चांदी, स्टील या लोहा जैसी धातुओं का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन भारत-न्यूजीलैंड टी20 सीरीज के लिए बनाई गई ट्रॉफी बिल्कुल अनोखी है और यह पहली बार है कि इस तरह के मटीरियल से किसी सीरीज के लिए ट्रॉफी तैयार की गई है।
दरअसल, इंडिया और न्यूजीलैंड सीरीज की ट्रॉफी रीसायकल किए गए बैट और बॉल से बनाई गई है, यानी इसमें किसी भी तरह की धातु का इस्तेमाल नहीं हुआ है। बीसीसीआई की यह पहल काबिलेतारीफ है और इसका मकसद खेल जगत में पर्यावरण संरक्षण और कचरे को कम करने के प्रति जागरूकता फैलाना है। यह कदम अक्सर प्रायोजकों और क्रिकेट बोर्ड की सस्टेनेबिलिटी मुहिम का हिस्सा होता है। यह पहल खास इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि क्रिकेट जैसे बड़े मंच का इस्तेमाल सिर्फ मनोरंजन के लिए ही नहीं, बल्कि पृथ्वी को बचाने वाले संदेश देने के लिए भी किया जा रहा है।

