खेल रत्न मिलने पर हरमनप्रीत का आया बयान, यह बड़ी उपलब्धि, बहुत कुछ हासिल करना है

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नई दिल्ली: भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने खेल रत्न पुरस्कार दिए जाने की घोषणा पर खुशी जताई और कहा कि यह उनके लिए बड़ी उपलब्धि है। पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे इस खिलाड़ी ने कहा कि उन्हें अभी अपने जीवन में काफी कुछ हासिल करना है। खेल मंत्रालय ने गुरुवार को 2024 में खेलों में उत्कृट योगदान देने के लिए राष्ट्रीय खेल पुरस्कार की घोषणा की थी जिसमें हरमनप्रीत और मनु भाकर सहित चार खिलाड़ियों को खेल रत्न देने का एलान किया गया था।

हरमनप्रीत और पेरिस ओलंपिक में दो कांस्य पदक जीतने वाली मनु भाकर के अलावा विश्व शतरंज चैंपियनशिप के विजेता भारतीय ग्रैंडमास्टर डी गुकेश और पैरा एथलीट प्रवीण कुमार को भी खेल रत्न देने की घोषणा की गई थी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 17 जनवरी को राष्ट्रपति भवन में एक विशेष कार्यक्रम के दौरान विजेताओं को सम्मानित करेंगी।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हरमनप्रीत ने कहा, यह मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है। यह मेरे लिए एक बड़ी उपलब्धि है। मैं वास्तव में बहुत खुश हूं। ऐसा लगता है कि यह मेरे जीवन का सबसे अच्छा हिस्सा है। मुझे इतना बड़ा पुरस्कार और मान्यता मिल रही है।

पेरिस ओलंपिक में सबसे ज्यादा 10 गोल करने वाले इस 28 साल के खिलाड़ी का करियर उपलब्धियों से भरा रहा है। वह पेरिस से पहले टोक्यो में कांस्य पदक जीतने वाली टीम के भी सदस्य थे। उन्होंने 2016 में जूनियर विश्व कप में स्वर्ण, राष्ट्रमंडल खेलों में रजत, एशियाई खेलों में स्वर्ण और कांस्य के अलावा चैंपियंस ट्रॉफी में दो रजत पदक जीते है। हरमनप्रीत ने पिछले वर्ष सहित तीन बार एफआईएच साल का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार जीता है। वह हालांकि इन उपलब्धियों से संतुष्ट नहीं है और अभी करियर में काफी कुछ हासिल करना चाहते हैं।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हरमनप्रीत ने कहा, अपनी पूरी यात्रा में मैंने बहुत कुछ सीखा है, मैंने जीत और हार सहित कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। मुझे हालांकि लगता है कि आप केवल उन अनुभवों से सीखते हैं। पहले दिन से मेरी मानसिकता खुद को बेहतर करने की रही है। हम जो भी हासिल कर रहे हैं वह एक टीम के रूप में कर रहे हैं। मेरी यात्रा बहुत दिलचस्प रही है, मुझे व्यक्तिगत मान्यताएं और पुरस्कार मिल रहे हैं लेकिन यह केवल मेरे साथी खिलाड़ियों के कारण संभव हो पाया है। मैंने अब तक की अपनी यात्रा का भरपूर आनंद लिया है। मैंने बहुत मेहनत की है और मैंने अब तक जो भी हासिल किया है, उससे मैं खुश हूं।

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