इस्लामाबाद
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड यानी पीसीबी के पूर्व चेयरमैन नजम सेठी ने अप्रत्यक्ष रूप से पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को पाकिस्तान क्रिकेट के पतन के लिए जिम्मेदार ठहराया है। पाकिस्तान की टीम की चौतरफा आलोचना आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 से बाहर होने के बाद हो रही है। पाकिस्तान की टीम को न्यूजीलैंड और भारत से हार के बाद टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता पकड़ना पड़ा है। इस पर नज सेठी ने कहा कि देश का राष्ट्रीय टीम के प्रदर्शन पर नाराज होना उचित है।
नजम सेठी ने एक्स पर लिखा, ‘‘क्रिकेट बिरादरी का कहना है कि पाकिस्तान का स्तर बहुत नीचे गिर गया है। एक क्रिकेट टीम जो कभी टी20 (2018) और टेस्ट (2016) और एकदिवसीय (1990 और 1996) में नंबर एक थी, जिसने 1992 में विश्व कप और 2017 में चैंपियन्स ट्रॉफी जीती, आज उसकी तुलना जिंबाब्वे से कैसे की जा रही है?’’ सेठी के अनुसार टीम का पतन 2019 में शुरू हुआ जब एक नए प्रधानमंत्री/संरक्षक (उस समय इमरान खान प्रधानमंत्री थे और वह एहसान मनी को पीसीबी अध्यक्ष के रूप में लाए थे) के तहत एक नए प्रबंधन ने घरेलू क्रिकेट ढांचे को बदल दिया।
सेठी आगे लिखते हैं, ‘‘राजनीतिक हस्तक्षेप जारी रहा, विरोधाभासी पीसीबी नीतियां नियम बन गईं- विदेशी कोचों को काम पर रखा गया और उन्हें फिर निकाल दिया गया, चयनकर्ताओं को मनमाने ढंग से नॉमिनेट किया गया, पुराने हटाए गए लोगों को सलाह देने और प्रबंधन करने के लिए भर्ती किया गया। आखिरकार खिलाड़ियों की ताकत, कप्तान के अहंकार का टकराव और टीम में गुटबाजी ने प्रबंधन की विफलता पर जीत हासिल कर ली। भयानक परिणाम हमारे सामने हैं।’’
इमरान के प्रधानमंत्री बनने के तुरंत बाद नजम सेठी ने पीसीबी से इस्तीफा दे दिया। इससे आईसीसी के पूर्व अध्यक्ष एहसान मनी की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया। वर्ष 2019 में इमरान खान के निर्देश पर पीसीबी ने घरेलू क्रिकेट ढांचे को नया रूप दिया और घरेलू क्रिकेट आयोजनों में प्रतिस्पर्धा करने वाली 16-18 विभागीय और क्षेत्रीय संघ की पुराने सिस्टम को समाप्त कर दिया और छह टीमों का प्रथम श्रेणी स्ट्रक्चर पेश किया गया। बाद में इमरान ने 2021 में रमीज राजा को भी अध्यक्ष नियुक्त किया जब मनी ने अपने अनुबंध के विस्तार को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। दिसंबर 2022 में इमरान सरकार के पतन के बाद सेठी ने फिर रमीज की जगह ली।