जालंधर. दुनिया के सबसे उम्रदराज मैराथन धावक माने जाने वाले फौजा सिंह का सोमवार शाम सड़क हादसे में निधन हो गया। वह 114 साल के थे और पंजाब के ब्यास पिंड गांव में रहते थे।
जानकारी के मुताबिक, सोमवार को दोपहर बाद करीब 3:30 बजे वे अपने रोज़ाना की तरह टहलने निकले थे। पठानकोट-जालंधर नेशनल हाईवे के किनारे सैर करते समय जब वह सड़क पार कर रहे थे, तभी एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया।
घटना के तुरंत बाद, ब्यास पिंड के कुछ युवकों ने उन्हें घायल अवस्था में सड़क किनारे पड़ा देखा। उन्होंने तुरंत श्रीमन अस्पताल, जालंधर पहुंचाया। इलाज के दौरान शाम करीब 6:30 बजे उनका निधन हो गया।
गांव वालों ने पहुंचाया अस्पताल, लेकिन नहीं बची जान
गांव के पंचायत सदस्य गुरप्रीत सिंह ने बताया कि वे भी उसी समय कार से जालंधर के लिए निकले थे। गांव के एंट्री प्वाइंट पर ही उन्होंने देखा कि फौजा सिंह सड़क पर गिरे हुए हैं। गांव के कुछ लड़के उन्हें उठाने की कोशिश कर रहे थे। गुरप्रीत सिंह ने भी कार रोकी और उनकी मदद के लिए पहुंचे।
उनके अनुसार, फौजा सिंह के सिर पर गंभीर चोटें आई थीं और काफी खून बह रहा था। वह और गांव के अन्य युवक उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे। उस समय तक फौजा सिंह होश में थे और बात भी कर रहे थे। लेकिन इलाज के दौरान ही उनकी हालत बिगड़ गई और उन्होंने दम तोड़ दिया।
फौजा सिंह: प्रेरणा का प्रतीक, जो हमेशा याद रहेंगे
फौजा सिंह दुनिया भर में अपनी फिटनेस और दृढ़ निश्चय के लिए मशहूर थे। उन्होंने 100 साल की उम्र के बाद भी कई मैराथन दौड़ में हिस्सा लिया और लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बने। उनका जीवन यह दिखाता है कि उम्र केवल एक संख्या है।उनका इस तरह सड़क हादसे में जाना, न केवल उनके परिवार और गांव, बल्कि पूरे देश के लिए एक गंभीर क्षति है।पुलिस ने अज्ञात कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज के ज़रिए उसकी तलाश जारी है।

