नई दिल्ली: इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टेस्ट टीम का प्रदर्शन शानदार रहा, जिसमें शुभमन गिल की अगुआई में बल्लेबाजों ने खूब रन बनाए। हालांकि, करुण नायर और साई सुदर्शन कुछ खास प्रभाव नहीं छोड़ पाए। ऐसे में श्रेयस अय्यर, सरफराज खान, देवदत्त पडिक्कल जैसे खिलाड़ियों के लिए दलीप ट्रॉफी से शुरू होने वाला घरेलू क्रिकेट का 2025-26 सत्र बेहद अहम होने वाला है। इस टूर्नामेंट में छह ऐसे बल्लेबाज खेलते दिखेंगे जो भारतीय टीम के चयनकर्ताओं पर प्रभाव डाल सकते हैं और भविष्य में टेस्ट टीम की योजनाओं में जगह बना सकते हैं।
देवदत्त पडिक्कल (साउथ जोन)
कर्नाटक के बाएं हाथ के बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल ने इंग्लैंड के खिलाफ 2024 में टेस्ट डेब्यू किया और उस सीरीज में प्रभावित किया। इसके बाद, रोहित शर्मा की गैरमौजूदगी और शुभमन गिल के चोटिल होने के कारण उन्हें ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पहले टेस्ट में मौका मिला, लेकिन उस मैच में उनका प्रदर्शन औसत रहा। चोटिल होने के कारण उन्हें इंग्लैंड दौरे पर इंडिया ए टीम में भी जगह नहीं मिली। अब पडिक्कल की नजरें दलीप ट्रॉफी में अच्छा प्रदर्शन कर भारतीय टीम में वापसी पर टिकी हैं।
ऋतुराज गायकवाड़ (वेस्ट जोन)
स्टाइलिश और तकनीकी रूप से मजबूत ऋतुराज गायकवाड फिलहाल किसी भी भारतीय टीम के फॉर्मेट की योजनाओं में शामिल नहीं हैं। पिछले सीजन में रणजी ट्रॉफी में उन्होंने मध्यक्रम में बल्लेबाजी शुरू की, जो साफ संकेत है कि वह टीम में वापसी करने के इच्छुक हैं। 28 साल की उम्र में गायकवाड इस मुकाम पर हैं जहां उन्हें घरेलू क्रिकेट में अपनी निरंतरता को बड़े स्कोर में बदलना होगा ताकि एक बार फिर भारतीय टीम में जगह बना सकें।
तिलक वर्मा (साउथ जोन)
इस सीजन में साउथ जोन की कप्तानी कर रहे तिलक वर्मा को भारत के सबसे प्रतिभाशाली युवा बल्लेबाजों में से एक माना जाता है। दिग्गजों जैसे सुनील गावस्कर, रोहित शर्मा और रविंद्र जडेजा ने उन्हें भारत का अगला ऑल-फॉर्मेट क्रिकेटर करार दिया है। दलीप ट्रॉफी में बड़े स्कोर करने से उनकी टीम इंडिया में जगह बनाने की दावेदारी और मजबूत हो सकती है।
श्रेयस अय्यर (वेस्ट जोन)
मुंबई के इस बल्लेबाज श्रेयस अय्यर हाल ही में सुर्खियों में रहे, लेकिन इस बार अपने प्रदर्शन के कारण नहीं, बल्कि भारत की एशिया कप टीम में न चुने जाने के कारण। उन्होंने पिछले साल इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में अपनी जगह गंवा दी थी। अय्यर स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ सबसे बेहतरीन बल्लेबाजों में से एक माने जाते हैं और भारत की प्लेइंग इलेवन में छठे नंबर के लिए उपयुक्त विकल्प हैं। दलीप ट्रॉफी में वह चयनकर्ताओं को प्रभावित करने की कोशिश करेंगे। अय्यर ने आखिरी बार 2024 की शुरुआत में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच खेला था।
सरफराज खान (वेस्ट जोन)
प्रथम श्रेणी क्रिकेट में लगभग 66 की शानदार औसत के बावजूद सरफराज खान को तेंदुलकर-एंडरसन सीरीज से बाहर रखा गया था। जब भी उन्हें भारत के लिए खेलने का मौका मिला, उन्होंने अपनी काबिलियत दिखायी, लेकिन मौके कम रहे। अब सरफराज दलीप ट्रॉफी में एक बार फिर अपनी प्रतिभा और क्षमता साबित करने के लिए मैदान पर उतरेंगे।
रजत पाटीदार (सेंट्रल जोन)
आईपीएल 2025 में आरसीबी के कप्तान रजत पाटीदार पिछले साल इंग्लैंड के खिलाफ भारत के लिए टेस्ट मैच खेल चुके हैं। पर्याप्त मौके मिलने के बावजूद वे उस दौरान प्रभाव छोड़ने में सफल नहीं हो पाए। अब दलीप ट्रॉफी उनके लिए चयनकर्ताओं को प्रभावित करने का एक और अवसर साबित होगी।


