नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े स्टार शशांक सिंह की सफलता से प्रेरित होकर दो उभरते खिलाड़ी आयुष पांडे और संजीत देसाई ने दलीप ट्रॉफी के लिए सेंट्रल जोन टीम में जगह बनाई है। दोनों का मानना है कि यह अवसर उन्हें न सिर्फ खुद को साबित करने बल्कि अपने राज्य की प्रतिष्ठा बढ़ाने का भी मौका देगा। 21 वर्षीय आयुष पांडे बाएं हाथ के ओपनिंग बल्लेबाज हैं, जबकि 27 वर्षीय संजीत देसाई दाएं हाथ के भरोसेमंद मध्यक्रम बल्लेबाज हैं।
दोनों खिलाड़ी 2024-25 रणजी ट्रॉफी में शीर्ष दस रन बनाने वाले बल्लेबाजों में शामिल रहे थे। इसके अलावा वे 2025 छत्तीसगढ़ प्रीमियर लीग में भी शीर्ष दस रन बनाने वालों की सूची में जगह बनाने में सफल रहे। हाल ही में चेन्नई की टर्निंग पिच पर उनके शानदार योगदान की बदौलत छत्तीसगढ़ ने प्री-सीजन बुची बाबू टूर्नामेंट में ऋतुराज गायकवाड़ जैसे बड़े खिलाड़ियों वाली महाराष्ट्र टीम को हराकर सभी का ध्यान आकर्षित किया।
शशांक सिंह ने साथियों के खेल को निखारने में निभाई अहम भूमिका
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आयुष पांडे कहा, “मैंने शशांक से बहुत कुछ सीखा है और पिछले दो-तीन सालों में उन्होंने मुझे खुद को निखारने में मदद की है। मानसिक रणनीति पर उनकी सलाह ने मुझे अपनी पारी संवारने और साथियों की मदद करने में काफी सहारा दिया है। हमारे छत्तीसगढ़ में बहुत प्रतिभाएं हैं। हमारी एज ग्रुप की टीमें लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं और सीनियर राज्य मैचों में भी हम अच्छा कर रहे हैं। बुची बाबू टूर्नामेंट में महाराष्ट्र जैसी मजबूत टीम के खिलाफ जीत ने हमें घरेलू सीजन से पहले बड़ा मनोबल दिया है।”
जल्द ही हमारे अनुकूल हो जाएंगी परिस्थितियाँ
भारतीय क्रिकेट में शशांक सिंह से पहले छत्तीसगढ़ के मौजूदा कप्तान अमनदीप खरे ने उच्च स्तर पर खेलकर राज्य का नाम रोशन किया था। उन्होंने भारत की अंडर-19 टीम के साथ-साथ दलीप ट्रॉफी में सेंट्रल जोन का प्रतिनिधित्व किया था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए संजीत देसाई ने कहा, “शशांक ने हममें से कई खिलाड़ियों को प्रेरित किया है और अमनदीप खरे हमारे राज्य के दिग्गजों में से एक हैं। अब ज्यादा प्रतिभाएं सामने आ रही हैं और नतीजे भी मिल रहे हैं। हमें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिले अभी कुछ ही साल (2016-17) हुए हैं और हमें विश्वास है कि जल्द ही चीजें हमारे अनुकूल हो जाएंगी।”
लगातार ऊँचाइयाँ छू रहा है आयुष पांडे का करियर
2023 में मुंबई इंडियंस (MI) की डेवलपमेंट टीम के साथ यूके दौरे के बाद से आयुष पांडे के करियर ने रफ्तार पकड़ ली है। 2024-25 के बुची बाबू ट्रॉफी में उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया। इसके बाद रणजी सीजन में उन्होंने 12 पारियों में 67.63 की शानदार औसत से 744 रन बनाए। इस दौरान तमिलनाडु के खिलाफ एक शतक और असम के खिलाफ दोहरा शतक भी लगाया। आयुष ने कई आईपीएल फ्रेंचाइजियों के ट्रायल में हिस्सा लिया है, हालांकि अभी तक उन्हें बड़ी लीग में जगह नहीं मिल पाई है।
संजीत देसाई भी लंबे समय तक बल्लेबाजी कर सकते हैं
आयुष पांडे की तरह संजीत देसाई भी लंबी पारी खेलने और बड़े स्कोर बनाने की क्षमता रखते हैं। 2023 की सीके नायडू ट्रॉफी में लगातार चार शतक लगाकर उन्होंने साबित किया कि वह रणजी ट्रॉफी में भी निरंतरता से रन जुटा सकते हैं। देसाई अपनी लाल गेंद की सफलता का श्रेय कोच उमेश पटवाल को देते हैं, जो अफगानिस्तान के बल्लेबाजी कोच भी रह चुके हैं। इसके अलावा उन्हें विदेश में खेलने का अनुभव भी मिला है। 2023 में उन्होंने श्रीलंका एयरफोर्स स्पोर्ट्स क्लब का प्रतिनिधित्व किया। अब वह उन अनुभवों को भुनाने और 28 अगस्त से शुरू होने वाली दलीप ट्रॉफी में दमदार प्रदर्शन करने के लिए उत्सुक हैं।


