नई दिल्ली। भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने रिटायरमेंट की अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है। 34 वर्षीय शमी का कहना है कि जब तक उनमें खेल का जुनून और फिटनेस बनी हुई है, तब तक वह क्रिकेट से दूर नहीं होंगे। शमी को हाल ही में एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी और 9 सितंबर से शुरू हो रहे एशिया कप की टीम में जगह नहीं मिली। इसी के बाद उनके करियर को लेकर अटकलें तेज हुई थीं। लेकिन शमी ने साफ कहा कि वह मैदान पर डटे रहेंगे और घरेलू क्रिकेट तक खेलते रहेंगे।
शमी ने एक न्यूज चैनल से बातचीत में तीखे लहजे में कहा, “मेरे रिटायर होने से किसकी जिंदगी आसान हो जाएगी? अगर मुझे बोरियत महसूस होगी तो मैं खुद मैदान छोड़ दूंगा। अभी मेरे अंदर वही जोश है। आप मुझे टीम में न चुनें, मुझे फर्क नहीं पड़ता, लेकिन मैं मेहनत करना नहीं छोड़ूंगा।” उन्होंने आगे कहा कि अगर इंटरनेशनल क्रिकेट में मौका नहीं मिलेगा तो घरेलू टूर्नामेंट्स में खेलते रहेंगे।
शमी ने अपने सबसे बड़े लक्ष्य का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वनडे वर्ल्ड कप जीतना उनका अधूरा सपना है। 2023 वर्ल्ड कप की हार को याद करते हुए शमी बोले, “हम बहुत करीब थे लेकिन किस्मत साथ नहीं दे पाई। मेरा सपना सिर्फ एक है- वर्ल्ड कप जीतना। मैं चाहता हूं कि 2027 में टीम इंडिया का हिस्सा बनूं और इस ख्वाब को पूरा करूं।” उन्होंने बताया कि वह हाल के महीनों में अपनी फिटनेस पर जमकर काम कर रहे हैं और लंबे स्पेल डालने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
वर्तमान में शमी दलीप ट्रॉफी खेल रहे हैं और पूर्व क्षेत्र की टीम का हिस्सा हैं। उन्होंने अब तक 64 टेस्ट, 108 वनडे और 25 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं। शमी आखिरी बार भारत के लिए 2025 चैंपियंस ट्रॉफी में उतरे थे, जहां उन्होंने 5 मैचों में 9 विकेट लिए। उनका यह बयान भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए उम्मीद की किरण है, जो उन्हें 2027 वर्ल्ड कप में टीम का अहम हिस्सा मान रहे हैं।

