(NST News) भोपाल. राष्ट्रीय खेल दिवस 2025 के अवसर पर टीटी नगर स्टेडियम में ‘एक घंटा, खेल के मैदान में’ अभियान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के खेल मंत्री विश्वास सारंग, खेल संचालक राकेश गुप्ता और सहायक संचालक बीएस यादव उपस्थित रहे। खिलाड़ियों और युवाओं के उत्साह को बढ़ाने के लिए मंत्री विश्वास सारंग ने व्यक्तिगत रूप से मैदान में उतरकर दौड़, बैडमिंटन और टेबल टेनिस जैसी खेल गतिविधियों में भाग लिया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि खेल सिर्फ प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं है, बल्कि यह स्वास्थ्य, अनुशासन और टीम भावना विकसित करने का भी अहम जरिया है।

कार्यक्रम में मंत्री ने खिलाड़ियों से संवाद किया और उनके अनुभव जानने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं को खेल में समय देना चाहिए और रोजाना कम से कम एक घंटा शारीरिक गतिविधियों के लिए निकालना चाहिए। खेल मंत्री ने खुद मैदान में दौड़ लगाई और बैडमिंटन में खिलाड़ियों के साथ खेला, जिससे युवाओं का उत्साह दोगुना हो गया। खेल संचालक राकेश गुप्ता और सहायक संचालक बीएस यादव ने भी कार्यक्रम में सक्रिय भूमिका निभाई और खिलाड़ियों का मार्गदर्शन किया। इस अवसर पर मौजूद सभी ने खेल के महत्व और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता पर जोर दिया।

टीटी नगर स्टेडियम में आयोजित गतिविधियों में बच्चों और युवा प्रतिभागियों ने दौड़, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, फुटबॉल और अन्य खेलों में हिस्सा लिया। खिलाड़ियों ने कहा कि मंत्री और अधिकारियों के साथ खेलना उनके लिए बेहद प्रेरणादायक अनुभव था। उन्होंने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रम उन्हें नियमित खेल में सक्रिय रहने और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करते हैं। खेल मंत्री विश्वास सारंग ने भी कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को खेल के प्रति उत्साहित करने और राज्य में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने में मदद करते हैं।

इस अभियान का संदेश स्पष्ट है कि खेल और शारीरिक गतिविधियां जीवन का अहम हिस्सा हैं। खेल केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए नहीं, बल्कि मानसिक विकास, अनुशासन और टीमवर्क के लिए भी जरूरी हैं। कार्यक्रम में बच्चों और युवाओं के साथ मंत्री, अधिकारी और पत्रकारों ने मिलकर खेलों का आनंद लिया और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के महत्व को उजागर किया। उन्होंने यह भी कहा कि खेल में सक्रिय रहने से व्यक्ति न केवल स्वस्थ रहता है, बल्कि जीवन में आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता भी विकसित होती है।

आखिरकार, राष्ट्रीय खेल दिवस के इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि खेल और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता हर उम्र के लोगों के लिए जरूरी है। आइए हम सभी संकल्प लें कि रोजाना कम से कम एक घंटा खेल या शारीरिक गतिविधि के लिए निकालेंगे। खेल मंत्री विश्वास सारंग और अधिकारियों ने खिलाड़ियों के साथ इस अभियान में सक्रिय भाग लेकर यह उदाहरण पेश किया कि खेल केवल बच्चों का काम नहीं है, बल्कि हर उम्र के लोग खेल के माध्यम से स्वस्थ और प्रेरित रह सकते हैं।

