राष्ट्रीय खेल दिवस पर सेमिनार: खेल और जीवन में फिटनेस और सकारात्मक सोच जरूरी

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खेल और युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा – खेलों का आकर्षण जीत और अनुशासन से आता है

(NST News) भोपाल. भोपाल में राष्ट्रीय खेल दिवस कार्यक्रम के दूसरे दिन शनिवार को खेल विषयों पर सेमिनार आयोजित हुआ। सहकारिता, खेल और युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि क्रिकेट देश का सबसे लोकप्रिय खेल है, लेकिन खेलों का आकर्षण केवल ग्लैमर से नहीं, बल्कि जीत और अनुशासन से आता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान से खेल दिवस का महत्व और बढ़ा है। खेलों का उद्देश्य सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि फिटनेस और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना है।

स्वस्थ भारत ही आत्मनिर्भर भारत

सारंग ने कहा कि बिना फिटनेस के कोई भी जीवन में सफल नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ की आबादी भारत की आत्मा है, और जब तक देश स्वस्थ नहीं होगा, उसकी आत्मा भी स्वस्थ नहीं रह सकती। उन्होंने यह भी बताया कि पहले माता-पिता सोचते थे कि खेलों में बच्चों का भविष्य नहीं है, लेकिन अब स्थिति बदल गई है। प्रधानमंत्री की पहल के कारण खेलों में करियर के नए अवसर खुल रहे हैं।

पूर्व क्रिकेटर मदनलाल ने दिए टिप्स

सेमिनार में पूर्व क्रिकेटर मदनलाल ने खिलाड़ियों से कहा कि उनके करियर का रास्ता टाइम मैनेजमेंट और एटिट्यूड से तय होगा। उन्होंने कहा कि समय कभी बर्बाद न करें और हमेशा सकारात्मक सोच रखें। उन्होंने ‘खेलो इंडिया’ अभियान की तारीफ करते हुए कहा कि इस योजना ने देश के खिलाड़ियों को नई दिशा और अवसर दिए हैं। मदनलाल ने अपने जीवन का उदाहरण देते हुए बताया कि उन्होंने कभी ग्लैमर के पीछे भागने के बजाय सादगी और मेहनत से सफलता हासिल की।

एंटी-डोपिंग पर जागरूकता जरूरी

नेशनल एंटी-डोपिंग एजेंसी (नाडा) के डोप कंट्रोल ऑफिसर शशिकांत भारद्वाज ने खिलाड़ियों से कहा कि बड़े मुकाम पर पहुंचने के लिए डोप टेस्ट से डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने खिलाड़ियों को डोप एजुकेशन, टेस्टिंग प्रक्रिया, नियम उल्लंघन और चिकित्सीय उपयोग की छूट (TUE) के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी को साफ और ईमानदार खेल भावना अपनानी चाहिए, तभी उसका करियर लंबा और सफल हो सकता है।

खेल मनोविज्ञान और मानसिक मजबूती

हाई परफॉर्मेंस स्पोर्ट्स साइकोलॉजिस्ट डॉ. संजना किरन ने कहा कि खिलाड़ी को हमेशा यह सोचना चाहिए कि वह अपनी क्षमता से क्या बेहतर कर सकता है। उन्होंने सलाह दी कि अवसर और सुविधाओं का आभार मानें और उनका पूरा लाभ उठाएं। उन्होंने खिलाड़ियों को मानसिक मजबूती, आत्मविश्वास और सही सोच अपनाने पर जोर दिया। उनका मानना है कि अगर मनोबल ऊंचा होगा तो खिलाड़ी हर चुनौती का सामना कर पाएगा।

चोट से बचाव और सही देखभाल

स्पोर्ट्स इंजरी विशेषज्ञ डॉ. मनोज नागर ने कहा कि खेल के दौरान चोट को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। उन्होंने वार्मअप, स्ट्रेचिंग और संतुलित आहार के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि चोट लगने पर तुरंत विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए ताकि बड़ी समस्या से बचा जा सके। डॉ. नागर ने खिलाड़ियों को समझाया कि खेल भावना केवल प्रदर्शन से नहीं, बल्कि शरीर और मन की देखभाल से भी जुड़ी होती है।

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