चेन्नई: मेज़बान भारतीय टीम जूनियर पुरुष हॉकी विश्व कप में अपने अभियान की शुरुआत 28 नवंबर को चिली के खिलाफ करेगी। यह टूर्नामेंट पहली बार 24 टीमों की भागीदारी के साथ 28 नवंबर से 10 दिसंबर तक तमिलनाडु के चेन्नई और मदुरै में आयोजित होगा। उद्घाटन मुकाबला मदुरै में पिछली चैम्पियन जर्मनी और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला जाएगा।
एफआईएच अध्यक्ष तैयब इकराम, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री टी. उदयनिधि स्टालिन, हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की और महासचिव भोलानाथ सिंह की मौजूदगी में आयोजित समारोह में जूनियर पुरुष हॉकी विश्व कप के कार्यक्रम की घोषणा की गई। इस बार 24 टीमों को शामिल किया गया है, जिनमें पाकिस्तान भी हिस्सा ले रहा है। पाकिस्तान का पहला मुकाबला 28 नवंबर को चेन्नई में स्विट्ज़रलैंड के खिलाफ खेला जाएगा।
पाकिस्तान ने अप्रैल में पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर के मद्देनज़र सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए बिहार के राजगीर में संपन्न एशिया कप में अपनी टीम नहीं भेजी थी। हालांकि भारत ने स्पष्ट किया था कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों को वीज़ा उपलब्ध कराया जाएगा। राजगीर में आयोजित एशिया कप में भारत ने दक्षिण कोरिया को 4-1 से हराकर खिताब अपने नाम किया और अगले साल होने वाले विश्व कप के लिए क्वालिफाई भी किया। जूनियर विश्व कप में भारत और पाकिस्तान का मुकाबला 29 नवंबर को चेन्नई में होगा, जबकि भारतीय टीम 2 दिसंबर को चेन्नई में स्विट्ज़रलैंड से भिड़ेगी।
टूर्नामेंट में सभी 24 टीमों को चार-चार के छह पूलों में बांटा गया है। भारत को पूल-बी में पाकिस्तान, चिली और स्विट्ज़रलैंड के साथ रखा गया है। प्रत्येक ग्रुप की शीर्ष टीम और दो सर्वश्रेष्ठ दूसरे स्थान की टीमें क्वार्टर फ़ाइनल में जगह बनाएंगी, जिसके बाद मुकाबले नॉकआउट आधार पर खेले जाएंगे। भारत ने अब तक दो बार जूनियर विश्व कप का खिताब जीता है—2001 में होबर्ट और 2016 में लखनऊ में। वहीं जर्मनी सात बार खिताब जीतकर टूर्नामेंट की सबसे सफल टीम है।

