भारत ए 403 पर 4 (जुरेल 113*, पड़िक्कल 86* और स्कॉट 31 पर 1) ऑस्ट्रेलिया ए 532 पर 6 (फिलिपे 123, कॉन्स्टास 109 और दुबे 141 पर 3) से 129 रन से पीछे
लखनऊ. भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज़ ध्रुव जुरेल ने ऑस्ट्रेलिया ए के ख़िलाफ़ पहले अनाधिकृत टेस्ट में शानदार शतक जड़ा। तीसरे दिन खेलते हुए उन्होंने 132 गेंदों पर नाबाद 113 रन बनाए। इस पारी में 10 चौके और चार छक्के शामिल थे। जुरेल ने खासतौर पर स्पिनरों को निशाना बनाया और आत्मविश्वास से भरे शॉट्स खेले। उनके इस प्रदर्शन ने भारत ए को मज़बूत स्थिति में पहुंचा दिया।
पड़िक्कल का भी जलवा
जुरेल का साथ बाएं हाथ के बल्लेबाज़ देवदत्त पड़िक्कल ने दिया। स्टंप्स तक वह नाबाद 86 रन बनाकर खेल रहे थे। दोनों बल्लेबाज़ों ने साझेदारी कर टीम को शुरुआती झटकों से उबारा। पहले दिन और दूसरे दिन से अलग, तीसरे दिन भारत ए ने गेंदबाज़ों पर दबाव बनाया और रन गति को तेज़ रखा। अब चौथे दिन नज़रें पड़िक्कल के शतक पर टिकी रहेंगी।
बारिश और शुरुआती झटके
तीसरे दिन बारिश और गीले मैदान के कारण खेल दो घंटे देर से शुरू हुआ। लंच से पहले भारत ए को नारायण जगदीशन के रूप में बड़ा झटका लगा। उन्होंने अर्धशतक के बाद पारी को आगे बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन ज़ेवियर बार्टलेट की गेंद पर विकेटकीपर जॉश फ़िलिपे को कैच दे बैठे। इसके बाद साई सुदर्शन भी 42 रन बनाकर पगबाधा आउट हो गए।
श्रेयस अय्यर का फ्लॉप शो
कप्तान श्रेयस अय्यर इस पारी में उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। उन्होंने सिर्फ़ 13 गेंदों में आठ रन बनाए और रॉकीचॉली की गेंद पर एलबीडब्ल्यू हो गए। अय्यर के जल्दी आउट होने से टीम दबाव में आ गई थी, लेकिन जुरेल और पड़िक्कल की साझेदारी ने पारी को संभाल लिया। दोनों ने रणनीतिक अंदाज़ में बल्लेबाज़ी की और रन गति को संतुलित रखा।
चौथे दिन की चुनौती
तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक भारत ए ने 403 रन पर चार विकेट खो दिए थे। ऑस्ट्रेलिया ए की पहली पारी 532 रन पर सिमटी थी। अब भारत ए अभी भी 129 रन पीछे है, लेकिन उनके पास मज़बूत साझेदारी मौजूद है। चौथे दिन भारत ए की कोशिश होगी कि पहली पारी में बढ़त हासिल कर मैच पर पकड़ बनाई जाए। वहीं जुरेल शतक के बाद और लंबी पारी खेलना चाहेंगे।


